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29 सितंबर 2009
कनाडा में मसूर व चने का उत्पादन बढ़ेगा, मटर का घटने की संभावना
चालू फसल सीजन में कनाडा में मसूर का उत्पादन 23।11 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसी तरह चने के उत्पादन में 1.23 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है लेकिन मटर के उत्पादन में 12.75 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है। भारत कनाडा से मसूर और मटर का ज्यादा आयात करता है। कनाडा से मसूर के नवंबर-दिसंबर महीने के निर्यात सौदे कम भाव पर हो रहे हैं। जबकि भारत में मटर का आयात ज्यादा हो रहा है। घरेलू बाजार में मसूर व मटर के दाम गिर सकते हैं। मसूर पर जहां कनाडा के ज्यादा उत्पादन का असर होगा जबकि मटर का भारी आयात होने के कारण भाव पर दबाव होगा। कनाड़ा के कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2009 में मसूर के उत्पादन में 23.11 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल उत्पादन 11.32 लाख टन रहने का अनुमान है जबकि वर्ष 2008 में 9.19 लाख टन का हुआ था। चने का उत्पादन भी 1.23 फीसदी बढ़कर 82,000 टन होने की संभावना है। वर्ष 2008 में कनाड़ा में 81,000 टन चने का उत्पादन हुआ था। लेकिन वर्ष 2009 में मटर के उत्पादन में 12.75 फीसदी की गिरावट आकर कुल उत्पादन 31.16 लाख टन ही रहने की संभावना है। दुबई स्थित मैसर्स हाकन एग्रो कमोडिटी ट्रेडिंग कम्पनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधाकर तोमर के अनुसार कनाड़ा में मसूर के उत्पादन में बढ़ोतरी के कारण बिकवाली ज्यादा आ रही है। कनाड़ा की मसूर के भाव मुंबई पहुंच 4500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं लेकिन नवंबर डिलीवरी के सौदे 3950-4000 रुपये और दिसंबर डिलीवरी के सौदे 3750-3800 रुपये प्रति क्विंटल में हो रहे हैं। 11 अगस्त को मुंबई में आयातित मसूर के भाव 4850 रुपये प्रति क्विंटल थे। दलहन के कुल आयात में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी मटर की है। कनाडा में नई फसल की आवक बनने के बाद से भारत में मटर के भाव घटे हैं। इस समय मुंबई में कनाड़ा की मटर के भाव घटकर 1450-1460 रुपये प्रति क्विंटल रह गए जबकि 11 अगस्त को इसके भाव 1550-1560 रुपये प्रति क्विंटल थे।मैसर्स शरद ट्रेडिंग कम्पनी के प्रोपराइटर समीर भार्गव ने बताया कि इंदौर में मसूर के भाव 4550 रुपये प्रति क्विंटल और दिल्ली बाजार में 4450 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। घरेलू मंडियों में स्टॉक कम है लेकिन आयातित मसूर सस्ती होने के कारण आगामी महीनों में घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में 300-400 रुपये प्रति क्विंटल की और गिरावट आने की संभावना है। साकेत फूड के डायरेक्टर ए. अग्रवाल ने बताया कि मटर का आयात ज्यादा मात्रा में हो रहा है इसीलिए भाव में गिरावट बनी हुई है। सरकारी कंपनियों ने पिछले साल 10.25 लाख टन दलहन का कुल आयात किया था इसमें 7.15 लाख टन मटर थी। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जुलाई के दौरान देश में करीब नौ लाख टन दलहन का आयात हुआ है इसमें करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी मटर की रही है।rana@businessbhaskar.net (बिज़नस भास्कर)
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