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04 मई 2009
इस महीने धनिया में हो सकता है सुधार
बंपर पैदावार के चलते धनिया में गिरावट का दौर अब समाप्त होने की उम्मीद है। वहीं निर्यात मांग निकलने की आस लगाए बैठे व्यापारी भी इस महीने से धनिया के भावों में सुधार की संभावना व्यक्त कर रहे हैं, जबकि बाजार विश्लेषक पिछले एक महीने के दौरान मई वायदा भावों में आठ फीसदी सुधार को धनिया में संभावित तेजी से जोड़कर देख रहे हैं। इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि धनिया के हाजिर भावों में विशेष सुधार नहीं होने के बावजूद मई वायदा सौदों में लगातार मजबूती आई है।बाजार विश्लेषकों के मुताबिक अगले महीने से निर्यात मांग निकलने की संभावना के कारण ही एनसीडीईएक्स में मई वायदा सौदों में एक अप्रेल से अब तक धनिया के भाव आठ फीसदी से ज्यादा बढ़कर 4730 रुपए क्विंटल पर पहुंच गए हैं, जबकि पिछले एक पखवाड़े में कोटा मंडी में हाजिर में धनिया के भाव करीब तीन फीसदी सुधरकर 3650 से 3700 रुपए क्विंटल हो गए। हालांकि पिछले सप्ताह कोटा मंडी में हाजिर में धनिया के भावों पर थोड़ा दबाव देखने को मिला है, लेकिन व्यापारियों को इस महीने धनिया के भावों में सुधार के आसार नजर आ रहे हैं। इसके पीछे व्यापारियों का तर्क है कि पिछले वर्ष भी मई के बाद निर्यात मांग निकलने और उत्पादन में कमी के चलते अगस्त में धनिया 9200 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि निर्यात में कमी और उत्पादन में जोरदार बढ़ोतरी के कारण भावों का स्तर पिछले वर्ष जैसा बनने की संभावना नहीं है। पर निकट भविष्य में कोटा मंडी में लूज में धनिया साढ़े चार हजार रुपए क्विंटल तक पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। दरअसल इस साल धनिया में पिछले वर्ष जैसी तेजी नहीं होने का मुख्य कारण उत्पादन में पचास फीसदी की बढ़ोतरी के अनुमान के साथ जुलाई 2008 के बाद धनिया निर्यात में कमी आना है। पिछले वित्त वर्ष में जुलाई तक चार महीनों के दौरान धनिया निर्यात करीब 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ा था। इसके बाद निर्यात की गति धीमी पड़ने से फरवरी तक ग्यारह महीनों में बढ़त समाप्त होकर निर्यात बढ़ोतरी नकारात्मक हो गई और वित्त वर्ष 2008-09 के पहले ग्यारह महीनों में 23,600 टन धनिया निर्यात हो सका, जबकि पूर्व वित्त वर्ष की समानावधि में निर्यात का आंकडा 23,750 टन पर पहुंच गया था।उल्लेखनीय है कि सिंगापुर, मलेशिया, ब्रिटेन, श्रीलंका, नेपाल, आस्ट्रेलिया और खाड़ी देश भारतीय धनिया के बड़े खरीदार है लेकिन मंदी के कारण इनकी खरीद में कमी आई है। चालू कलैंडर वर्ष के पहले दो महीनों जनवरी-फरवरी में धनिया निर्यात में करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जो मार्च-अप्रेल में भी जारी रहने की आशंका है लेकिन अगले महीने से निर्यात में सुधार की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस वर्ष देश में धनिया की उपलब्धि तीन लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब बीस फीसदी ज्यादा होगी। पिछले वर्ष देश में दो लाख टन धनिया का उत्पादन हुआ था। (Business Bhaskar)
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