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25 फ़रवरी 2009
दस माह में भारत से जीरा का निर्यात 43 फीसदी बढ़ गया
चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी तक भारत से मसालों के निर्यात में पांच फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तरह कुल निर्यात 372,125 टन रहा है। भारतीय मसाला बोर्ड के सूत्रों के अनुसार इस दौरान जीरा और हल्दी की निर्यात मांग में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है।इस दौरान सबसे ज्यादा बढ़ोतरी जीरा के निर्यात में करीब 43 फीसदी की हुई है। चालू वित्त वर्ष के पहले दस महीने में देश से जीरे का निर्यात बढ़कर 29,750 टन का हुआ है। अन्य प्रमुख उत्पादक देशों टर्की, सीरिया और ईरान में जीरे के उत्पादन में आई भारी गिरावट के कारण ही अभी तक देश से रिकार्ड निर्यात संभव हो पाया है। जीरा निर्यातक पंकज भाई पटेल ने बताया कि टर्की और सीरिया में नई फसल की आवक जून-जुलाई महीने में होगी इसलिए आगामी चार-पांच महीने तक जीरे में निर्यात मांग अच्छी बनी रहने की संभावना है। गुजरात में जीरे की नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है। देश से हल्दी के निर्यात में चालू वित्त वर्ष में अभी तक करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी होकर कुल निर्यात 47,000 टन रहा। निजामाबाद मंडी के हल्दी व्यापारी पूनम चंद गुप्ता ने बताया कि हल्दी में निर्यातकों की अच्छी मांग के कारण ही नई फसल की आवक बढ़ने के बावजूद भावों में गिरावट नहीं आ रही है। इस समय निजामाबाद मंडी में नई फसल की आवक करीब आठ से दस हजार बोरी और इरोड़ मंडी में करीब दस से बारह हजार बोरी की आवक हो रही है। घरेलू बाजारों में भाव तेज होने और अमेरिका तथा यूरोप में आर्थिक मंद गति के कारण इस दौरान कालीमिर्च का निर्यात 29,700 टन से घटकर 21,600 टन रह गया। वर्ष 2008-09 में कालीमिर्च का औसत निर्यात मूल्य 164.86 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है जबकि पिछले साल इसका औसत निर्यात मूल्य 146.05 रुपये प्रति किलोग्राम था। अन्य मसलाों में लालमिर्च और मेंथा उत्पादों की निर्यात मांग में भी इस दौरान कमी देखने को मिली है। लालमिर्च का निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी तक 156,500 टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसका निर्यात 160,930 टन का हुआ था। लालमिर्च के निर्यातक अशोक दत्तानी ने बताया कि इस समय लालमिर्च में बांग्लादेश और श्रीलंका की अच्छी मांग देखी जा रही है। ऐसे में आगामी महीनों में इसके निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी की संभावना है। मेंथा उत्पादों के निर्यात में भी चालू वित्त वर्ष में अभी तक चार फीसदी की कमी आकर कुल निर्यात 17,500 टन का ही हुआ है। वर्ष 2008-09 में देश से मसालों के निर्यात का लक्ष्य 425,000 टन का रखा गया है। (Business Bhaskar)
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