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17 दिसंबर 2008
खाद्य तेलों की मांग 4 फीसदी बढ़ी तो आयात 49 प्रतिशत
भारत में खाद्य तेलों की मांग बढ़ने के साथ ही आयात भी बढ़ रहा है जबकि भाव हल्के रहने से मंडियों में आवक हल्की हो गई है। सरकार का अनुमान है कि भारत में चालू सीजन के दौरान खाद्य तेल की मांग करीब चार फीसदी तक बढ़ सकती है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार नवंबर के दौरान देश में खाद्य तेलों के आयात में 49 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। नवंबर के दौरान करीब 519,032 टन खाद्य तेलों का आयात हुआ। वैश्विक बाजारों में खाद्य तेलों की कीमतों में आई भारी गिरावट की वजह से सस्ते भावों पर आयात बढ़ गया है। खाद्य तेलों की मांग के संबंध में खाद्य राज्य मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि चालू खाद्य तेल सीजन के दौरान खाद्य तेल की मांग करीब 1.33 करोड़ टन रह सकती है। साल 2007-08 के दौरान भारत में करीब 85 लाख टन खाद्य तेलों का उत्पादन हुआ जबकि करीब 49 लाख टन खाद्य तेलों का आयात हुआ। हालांकि इस दौरान तिलहनों के उत्पादन में करीब 19 फीसदी बढ़कर 2.88 करोड़ टन रहा। मंत्री के अनुसार साल 2008-09 के दौरान देश में तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार करीब 3.2 अरब रुपये की सहायता देने की योजना बना रही है। उधर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक बी. वी. मेहता ने बताया कि भारत में क्रूड पाम तेल पर आयात शुल्क नहीं लगने की वजह से भी खाद्य तेलों का आयात बढ़ा है। इस साल घरलू बाजार में तिलहनों की कीमतों में आई गिरावट की वजह से मंडियों में आवक कम हुई है। ऐसे में खाद्य तेलों का आयात बढ़ा है। तिलहनों के अभाव में कई मिलों की पिराई में भी कमी आई है नवंबर के दौरान करीब 555,342 टन वनस्पति तेलों का आयात हुआ है जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले करीब 30 फीसदी ज्यादा है। पिछले साल नवंबर में करीब 427,912 टन वनस्पति तेलों का आयात हुआ था। नवंबर में क्रूड पाम तेल का आयात करीब 15.6 फीसदी बढ़कर 363,578 टन का रहा जबकि आरबीडी पाम तेल का करीब 137,959 टन का आयात हुआ। पिछले साल नवंबर में करीब 30,014 टन आरबीडी पाम तेल का आयात हुआ था। इस दौरान करीब आठ हजार टन सूरजमुखी तेल का भी आयात हुआ। (Business Bhaskar)
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