नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार पहली जून से 19 जुलाई तक देशभर में सामान्य से 12 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है लेकिन इस दौरान मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में जहां भारी बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 48 घंटों में महराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश होने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, इससे खरीफ दलहन अरहर, उड़द और मूूंग को नुकसान होने की आशंका है। जानकारों के अनुसार भारी बारिश से लगभग 12 जिले जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है। उनमें वर्धा में सामान्य से 1171.4 फीसदी अधिक बारिश हुई है, जबकि गढ़चिरोली में 596.1 फीसदी, चंद्रपुर में 495.9 फीसदी, नागपुर में 426.4 फीसदी, यवतमाल मेें 717.1 फीसदी, भंडारा में 289.2 फीसदी, नांदेड़ में 573 फीसदी, वाशिम में 508.1 फीसदी, अकोला में 462.1 फीसदी, बुलढाणा में 684.80 फीसदी, लातूर में 1170.40 फीसदी, परभनी में 406.70 फीसदी, हिंगोली में 406.70 फीसदी सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। मौसम विभाग ने आज 19 जुलाई के लिए भी महाराष्ट्र के विदर्भ में भारी बारिश का एलर्ट जारी किया है।
गुजरात सरकार के पहले प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में भारी बारिश व बाढ़ से 50000 हेक्टेयर में खरीफ फसलों को नुकसान हुआ। मध्य गुजरात में सबसे अधिक नुक्सान हुआ है। जबकि दक्षिण गुजरात में तिलहन, अनाज और दलहन को सबसे अधिक नुकसान। सरकारी अधिकारीयों ने बताया कि अभी कई इलाकों में जल भराव होने से सर्वे बाकी है। महाराष्ट्र में भी 250000 हेक्टेयर में खरीफ फसलों को नुकसान। सबसे अधिक नुकसान सोयाबीन, अरहर, कॉटन, उड़द और मूंग को। सरकारी अधिकारी के अनुसार यदि बारिश कम नहीं हुई तो फसलों में नुकसान का दायरा बढ़ सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री ने किसानों को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
तेलंगाना राज्य में भी भारी बारिश से खरीफ फसलों को नुकसान की रिपोर्ट मिल रही है। पिछले कुछ दिनों में तेलंगाना में हुई मूसलाधार बारिश ने राज्य में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कृषि अधिकारियों के शुरूआती अनुमान के अनुसार, लगभग 20 प्रतिशत बिजाई की गई फसल बारिश के कारण ख़राब। आदिलाबाद, निजामाबाद, करीमनगर, वारंगल, खम्मम, मेडक और रेड्डी जिलों में फसल को भारी नुकसान। चालू खरीफ सीजन में किसानों ने राज्य में लगभग 53.79 लाख एकड़ फसलों की बिजाई की थी। जिसमे कपास 38.48 लाख एकड़, सोयाबीन 3.21 लाख एकड़, मक्का 2.50 लाख एकड़, धान 2.58 लाख एकड़ और दलहन 4.10 लाख एकड़ शामिल है।
दक्षिणी और मध्य भारत में अच्छी बारिश। लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश (-71%) पश्चिमी उत्तर प्रदेश (-56%) इन केंद्रों में बारिश औसत से कम रही। दक्षिणी प्रायद्वीप +38% मध्य भारत +33%, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र -8% इन केंद्रों में बारिश औसत से अधिक रही। मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्णाटक के तटीय क्षेत्रों, पश्चिमी राजस्थान, झारखण्ड (-49%बारिश), बिहार (-47%बारिश), पश्चिम बंगाल (-45%बारिश), नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा (-25%बारिश) इन राज्यों में भारी बारिश की संभावनाएं।
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