नई
दिल्ली। विश्व स्तर पर तिलहन एवं खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी बनी रहने
से शुक्रवार को भी घरेलू बाजार में सरसों के साथ तेल के भाव बढ़ गए। जयपुर
में कंडीशन की सरसों के भाव लगातार तीसरे दिन 50 रुपये तेज होकर 6,900 से
6,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान उत्पादक राज्यों की मंडियों में
सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 1.90 लाख बोरियों की हुई।
व्यापारियों के
अनुसार सोया तेल के दाम मजबूत बने रहने से मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में
लगातार चौथे दिन करीब 9 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। जानकारों के सोया तेल के
मुकाबले पाम तेल की कीमतें काफी नीचे बनी हुई है, जिस कारण पाम तेल की
मांग में बढ़ोतरी हुई है। उधर अमेरिका के मिडवेस्ट में गर्म और शुष्क मौसम
के कारण सोयाबीन के पूर्वानुमान में कमी की आशंका से आपूर्ति प्रभावित होने
की चिंता बनी हुई है।
हालांकि इंडोनेशिया सरकार लगातार इन्वैंट्री
को कम करने के लिए कदम उठा रही है। ऐसे में घरेलू बाजार में भी खाद्वय
तेलों के दाम मजबूत बने रहने से सरसों की कीमतों में हल्का सुधार और भी आ
सकता है लेकिन घरेलू बाजार में व्यापारी अभी बड़ी तेजी में नहीं है। हाजिर
बाजार में नकदी की किल्लत है, जिस कारण तेल मिलें भी केवल जरुरत के हिसाब
से ही सरसों की खरीद कर रही हैं।
मलेशिया में पाम तेल की कीमतों
में लगातार चौथे दिन 8.82 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। अक्टूबर
महीने के पाम तेल वायदा अनुबंध में 349 रिगिंट की तेजी आकर भाव 4,306
रिगिंट प्रति टन हो गए। वैश्विक स्तर पर डालियान का सबसे सक्रिय सोया तेल
अनुबंध 1.91 फीसदी तेज हो गया, जबकि इसका पाम तेल वायदा अनुबंध भी 3.35
फीसदी तक तेज हुआ। शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड पर सोया तेल की कीमतें आज
इलेक्ट्रॉनिक व्यापार में 3.25 फीसदी तक तेज हो गई।
इंडोनेशियाई
व्यापार मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश ने अपनी घरेलू जरूरतों के
साथ-साथ निर्यात में तेजी लाने के अपने कार्यक्रम के माध्यम से 28 जुलाई तक
संयुक्त रूप से 4.23 मिलियन टन पाम तेल के निर्यात के लिए परमिट जारी कर
दिए हैं।
जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर की कीमतें
शुक्रवार को 20-20 रुपये तेज होकर भाव क्रमशः 1,393 रुपये और 1,383 रुपये
प्रति 10 किलो हो गए। इस दौरान सरसों खल की कीमतें 2,675 रुपये प्रति
क्विंटल के पूर्व स्तर पर स्थिर बनी रही।
देशभर की मंडियों में
शुक्रवार को सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 1.90 लाख बोरियों की ही हुई, जबकि
गुरूवार को आवक 1.55 लाख बोरियों की हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख
उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में 90 हजार बोरी, मध्य प्रदेश में 15
हजार बोरी, उत्तर प्रदेश में 30 हजार बोरी, हरियाणा और पंजाब में 15 हजार
बोरी, गुजरात में 5 हजार बोरी तथा अन्य राज्यों की मंडियों में 35 हजार
बोरी सरसों की आवक हुई।
Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें