नई
दिल्ली। चालू फसल सीजन 2021-22 के पहले 9 महीनों अक्टूबर से जून के दौरान
सोया डीओसी के निर्यात में 69.87 फीसदी की गिरावट आकर कुल निर्यात 5.63 लाख
टन का ही हुआ है, जबकि पिछले फसल सीजन की समान अवधि में 18.69 लाख टन का
निर्यात हुआ था।
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया, सोपा के
अनुसार अक्टूबर से जून अंत तक 75 लाख टन सोयाबीन की आवक उत्पादक मंडियों
में हो चुकी है, जिसमें से 60 लाख टन की पेराई हो चुकी है। इस दौरान 2.25
लाख टन की सीधी खपत हो चुकी है, जबकि 0.69 लाख टन का निर्यात हो चुका है।
अत: पहली जुलाई को मिलों, व्यापारियों एवं किसानों के पास 48.17 लाख टन
सोयाबीन का बकाया स्टॉक बचा हुआ है, जोकि पिछले साल की सामन अवधि के 13.04
लाख टन से ज्यादा है।
सोपा के अनुसार चालू फसल सीजन में 118.89 लाख
टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ था, जबकि नई फसल की आवकों के समय 1.83 लाख टन
का बकाया स्टॉक बचा हुआ था। अत: कुल उपलब्धता 120.72 लाख टन की बैठी थी।
अक्टूबर से जून अंत तक करीब 3.39 लाख टन सोयाबीन का आयात हो चुका है, जोकि
पिछले साल की समान अविध के 1.79 लाख टन से ज्यादा है।
कृषि मंत्रालय
के अनुसार चालू खरीफ में 8 जुलाई तक सोयाबीन की बुआई 54.42 लाख हेक्टेयर
में ही हो पाई है, जोकि पिछले साल की अवधि के 69.54 लाख हेक्टेयर से कम है।
महाराष्ट्र में चालू खरीफ में सोयाबीन की बुआई 32.17 लाख हेक्टेयर में और
मध्य प्रदेश में 10.70 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है। पिछले साल की समान
अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 34.78 लाख हेकटेयर और 24.21 लाख हेक्टेयर में हो
चुकी थी। राजस्थान में जरुर चालू खरीफ में सोयाबीन की बुआई बढ़कर 5.66 लाख
हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई केवल 4.11 लाख
हेक्टेयर में ही हुई थी।
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