नई
दिल्ली। खरीफ फसलों की लिए संजीवनी माने जाने वाली मानसूनी बारिश चालू
सीजन में सामान्य होने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)
द्वारा मंगलवार को दी गई जानकारी के अनुसार देश में दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी
बारिश के दीर्घकालिक अवधि औसत के 103 फीसद रहने की संभावना है।
आईएमडी
के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने मंगलवार को लंबी दूरी के अपने दूसरे
पूर्वानुमान में बताया कि देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार सामान्य
रहेगा और मात्रात्मक रूप से यह लंबी अवधि के औसत (एलपीए) का 103 फीसदी
होगा। अगर ऐसा होता है तो यह लगातार चौथा साल होगा, जब भारत में मानसून
सामान्य रहेगा। महापात्र के मुताबिक, दक्षिण प्रायद्वीप, मध्य भारत और कोर
मानसून क्षेत्र (मध्य भारत के अधिकांश क्षेत्रों) में सामान्य से अधिक
सामान्य वर्षा (एलपीए का 106 फीसदी) होने की संभावना है।
उन्होंने
बताया कि देश में जून में औसत से 92 से 108 फीसदी बारिश होने का अनुमान है,
जबकि उत्तर पूर्व में 96 से 106 फीसदी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा
दक्षिण भारत में औसत से 106 फीसदी बारिश होगी। अगले दो से तीन दिनों में
कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मानसून दस्तक दे देगा।
उन्होंने कहा कि
मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना
है, जबकि उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों में सामान्य बारिश होने
की संभावना है। महापात्र ने कहा कि मौजूदा ‘ला नीना’ स्थितियां अगस्त तक
जारी रहने की उम्मीद है और भारत में मानसून की बारिश के लिए शुभ संकेत है।
‘ला नीना’ स्थितियां भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र के ठंडा होने का उल्लेख
करती हैं। हालांकि, नकारात्मक हिंद महासागर द्विध्रुवीय के विकास की
संभावना है जिससे केरल सहित सुदूर दक्षिण-पश्चिमी प्रायद्वीप में सामान्य
से कम वर्षा हो सकती है।
आईएमडी के के अनुसार, जून के पहले सप्ताह
में मानसून बेंगलुरु सहित राज्य के दक्षिणी हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा।
दक्षिणी कर्नाटक में मानसून की बारिश में तीन-चार दिनों की देरी हो सकती
है, लेकिन पूरे राज्य में 7 जून से बारिश की उम्मीद है। मौसम विभाग का
पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों में बेंगलुरु में 7 मिमी तक बारिश होगी।
3-4 जून को गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। महाराष्ट्र की बात करें
तो दक्षिणी कोंकण क्षेत्रों और कोल्हापुर में मानसून की शुरुआत की सामान्य
तिथि लगभग 9 जून रहती है, लेकिन इस साल इसके एक सप्ताह पहले आने की संभावना
है।
भारत में मानसून समय से पहले दस्तक दे चुका है। आईएमडी के
मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी मानसून 29 मई को ही केरल पहुुंच गया था, जबकि इसके
आने की औसत तारीख 1 जून मानी जाती है। मंगलवार को मानसून केरल और तमिलनाडु
के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ता नजर आया, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी पड़ने की
संभावना है। आईएमडी ने बेंगलुरु में 2 जून से बारिश शुरू होने का अनुमान
लगाते हुए कर्नाटक के 10 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है।
Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें