नई
दिल्ली। लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद शुक्रवार को बर्मा के स्थानीय
बाजार में नीचे दाम पर मांग निकलने से उड़द की कीमतों में तेजी आई, साथ ही
लेमन अरहर के भाव भी बढ़ गए। हालांकि इस दौरान भारतीय आयातकों ने कोई बड़ा
आयात सौदा नहीं किया, बर्मा से पहले के सौदों की लोडिंग बराबर चल रही है।
घरेलू बाजार में दालों में मिलाजुला रुख बना रहा।
बर्मा में उड़द
एफएक्यू और एसक्यू के भाव में आज 10-15 डॉलर की तेजी आकर भाव क्रमश: 850
डॉलर और 945 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए। इस दौरान लेमन अरहर के भाव में
भी 10 डॉलर की तेजी आकर भाव 850 डॉलर प्रति टन, सीएंडएफ बोले गए।
कृृषि
मंत्रालय के अनुसार समर में मूंग की बुआई 34.79 फीसदी बढ़कर 5.54 लाख
हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले सीजन में इसकी बुआई 4.11 लाख हेक्टेयर
में ही हुई थी। इसी तरह से उड़द की बुआई 72.85 फीसदी बढ़कर 2.61 लाख
हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले सीजन में इसकी बुआई 1.51 लाख हेक्टेयर
में ही हुई थी।
नेफेड ने न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी 5,230 रुपये
प्रति क्विंटल की दर से अभी तक 3,28,014 टन चना खरीदा है। अभी तक हुई खरीद
में महाराष्ट्र से 1,26,176 टन, कर्नाटक से 30,993 टन और गुजरात से
1,70,845 टन की हिस्सेदारी है। राजस्थान में नेफेड द्वारा एमएसपी पर चना की
खरीद आज से शुरू होने की संभावना है।
अरहर और उड़द दाल में अगले
सप्ताह से मांग तो बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन एक तो आयात बराबर हो रहा है,
दूसरा आयातित माल भी बदंरगाहों पर ज्यादा मात्रा में हैं। इसलिए इनकी
कीमतों में अभी बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। उत्पादक मंडियों में अरहर की
आवक अभी बनी रहेगी, साथ ही आंध्रप्रदेश में उड़द की आवक भी अप्रैल में
बढ़ेगी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर अगले सप्ताह से चना की
खरीद और बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही उत्पादक मंडियों में नए चना की दैनिक
आवक बढ़ेगी। चना के दाम एमएसपी पर काफी नीचे हैं, इसलिए इसके भाव में आगे
हल्का सुधार और भी आयेगा।
आयातित के साथ ही देसी मसूर के दाम तेज
हैं, जबकि अगले सप्ताह से देसी मसूर की दैनिक आवक भी बढ़ेगी। इसलिए मसूर के
भाव में अभी बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी, क्योंकि बदंरगाहों पर आयातित मसूर
का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है। हालांकि मसूर के आयात पड़ते महंगे हैं।
दाल
मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से कनाडा की मसूर के भाव मुंद्रा और हजिरा
बंदरगाह पर तथा आस्ट्रेलियाई मसूर के भाव कंटेनर और वैसल में 50 रुपये
प्रति क्विंटल तेज हो गए।
मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव
50 रुपये बढ़कर 6,950 से 7,000 रुपये एवं हजीरा बंदरगाह पर 6,975 से 7,025
रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इसी तरह से आस्ट्रेलियाई मसूर के भाव कंटेनर
में बढ़कर 7,150 से 7,200 रुपये और कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 7,100
से 7,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
हालांकि दिल्ली में सुबह की
तुलना में शाम को मसूर के भाव में गिरावट आई। दिल्ली में कनाडा और मध्य
प्रदेश की मसूर के भाव 75-75 रुपये नरम होकर भाव क्रमश: 7,000 से 7,025
रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में उड़द एफएक्यू पुरानी के भाव
25 रुपये नरम होकर 6,600 रुपये और नई के भाव भी 25 रुपये घटकर 6,650 रुपये
प्रति क्विंटल रह गए। इसी तरह से उड़द एसक्यू नई और पुरानी के भाव में भी
25-25 रुपये का मंदा आकर भाव क्रमश: 7,275 रुपये और 7,225 रुपये प्रति
क्विंटल रह गए।
चेन्नई में एफएक्यू उड़द हाजिर डिलीवरी के भाव 6,325
रुपये और एसक्यू मई डिलीवरी के भाव 7,025 से 7,050 रुपये प्रति क्विंटल पर
स्थिर बोले गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के भाव 6,625 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
चेन्नई
में लेमन मई डिलीवरी के भाव 25 रुपये कमजोर होकर 6,400 रुपये प्रति
क्विंटल बोले गए। लेमन अरहर के हाजिर डिलीवरी के भाव 6,250 रुपये प्रति
क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
मुंबई में तंजानिया की अरुषा अरहर और
तंजानिया की मटवारा अरहर के दाम के भाव क्रमश: 5,500 से 5,600 रुपये 5,400
से 5,450 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। जबकि मलावी अरहर के दाम
4,900-5,000 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मोजाम्बिक लाईन की गजरी अरहर की
कीमतें 5,450-5,500 रुपये और सूडान की अरहर के दाम 6,500 से 6,600 रुपये
प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान के चना के भाव
75 रुपये तेज होकर 5,175 से 5,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि मध्य
प्रदेश के चना के भाव 50 रुपये बढ़कर 5,100 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
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