नई
दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनवरी के लिए 21.50 लाख टन का कोटा जारी किया है,
साथ ही दिसंबर महीने की बची हुई चीनी बेचने के लिए भी मिलों को 10 जनवरी
तक की मोहलत दे दी है। ऐसे में जनवरी के लिए कुल उपलब्धता करीब 23 से 23.50
लाख टन की बैठेगी। ऐसे में चीनी की कीमतों पर दबाव बनने की उम्मीद है।
हालांकि गुरूवार को देशभर की मंडियों में दाम लगभग स्थिर बने रहे।
व्यापारियों
के अनुसार केंद्र सरकार ने जनवरी के लिए उम्मीद से ज्यादा कोटा जारी किया
है, जबकि देश के कई राज्यों में कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर सख्ती बरती
जा रही है। ऐसे में आगे चीनी की कीमतों पर दबाव बन सकता है। केंद्र सरकार
ने दिसंबर के लिए भी 21.50 लाख टन चीनी का कोटा जा किया था, जबकि कोटे की
पूरी चीनी बिक नहीं पाई थी। इस समय चीनी का पेराई सीजन चल रहा है, तथा
विदेशी बाजार में चीनी के भाव में सुधार तो आया है लेकिन मौजूदा भाव में
निर्यात पड़ते नहीं लग रहे है। सूत्रों के अनुसार रॉ-शुगर के दाम 20 सेंट
प्रति पाउंड से ज्यादा होने पर ही निर्यात की पैरिटी लगेगी।
दिल्ली
में एम ग्रेड चीनी के दाम गुरूवार को जहां 3,660 से 3,760 रुपये प्रति
क्विंटल पर स्थिर बने रहे, वहीं मुंबई वाशी मार्किट के इसके दाम 3,460 से
3,690 रुपये प्रति क्विंटल पर टिके रहे। उधर विदेशी बाजार में बीते
कारोबारी सत्र में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की मजबूती से चीनी की
कीमतों में तेजी को बल मिला। आईसीई मार्च वायदा अनुबंध में रॉ शुगर 0.14
सेंट यानी 0.7 फीसदी बढ़कर 19.10 सेंट प्रति पाउंड पर बंद हुई। लंदन मार्च
वायदा अनुबंध में व्हाइट शुगर के दाम 2.90 डॉलर यानी 0.6 फीसदी बढ़कर
501.10 डॉलर प्रति टन के स्तर पर पहुंच गए।
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