नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा अरहर, उड़द और मूंग के मात्रात्मक मुक्त आयात की समय सीमा बढ़ाने से घरेलू बाजार के साथ ही बर्मा में भी दलहन की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। बर्मा के स्थानीय बाजार में आज उड़द और अरहर की कीमतों में 30 से 40 डॉलर प्रति टन की बड़ी गिरावट देखी गई, जिससे घरेलू बाजार में भी इनकी कीमतों में 50 से 250 रुपये प्रति क्विंटल का क्वालिटीनुसार मंदा आया।
बर्मा में उड़द एफएक्यू और एसक्यू के दाम आज 30 से 35 डॉलर घटकर भाव क्रमश 790 डॉलर ओर 885 डॉलर प्रति टन रह गए। इसी तरह से लेमन अरहर और लिंके के भाव में 40-40 डॉलर की गिरावट आकर भाव क्रमश: 700 और लिंके के भी 700 डॉलर प्रति टन रह गए। हालांकि मूंग पेड़ीसेवा और पकाकों के दाम क्रमश: 875 डॉलर और 980 डॉलर प्रति टन पर स्थिर बने रहे।
व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में मौसम साफ होने के कारण जहां महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में नई देसी अरहर की दैनिक आवक बढ़ने लगी है, वहीं सूखे माल आने से भी कीमतों पर दबाव है। नई अरहर के दाम उत्पादक मंडियों में पहले न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी 6,300 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे बने हुए हैं। साथ ही अफ्रीकी देशों से लगातार अरहर का आयात हो रहा है, तथा अफ्रीकी अरहर की क्वालिटी काफी हल्की होने के कारण इसके दाम नीचे बने हुए हैं। उधर आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में नई उड़द की आवक मध्य जनवरी तक बढ़ेगी, तथा आयातित उड़द का चेन्नई में बकाया स्टॉक ज्यादा है। इसलिए उड़द की कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है।
दाल मिलों की मांग कमजोर होने से बर्मा की लेमन अरहर नई के भाव में मुंबई में 100 रुपये का मंदा आकर भाव 5,750 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में अरुषा और मटावारा अरहर के भाव 50-50 रुपये घटकर क्रमश: 5,100-5,150 रुपये और 5,000 से 5,100 प्रति क्विंटल रह गए। मलावी अरहर के दाम भी 50 रुपये घटकर 4,600 से 4,700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। सूडान की अरहर के भाव भी 50 रुपये घटकर 6,000 से 6,050 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गए। तंजानिया की गजरी अरहर के दाम भी 50 रुपये घटकर 5,150 से 5,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मिलों की कमजोर मांग से दिल्ली में बर्मा की लेमन अरहर नई की कीमतों में 50 रुपये की गिरावट आकर भाव 6,150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दाल मिलों की मांग घटने एवं स्टॉकिस्टों की बिकवाली बढ़ने से मुंबई में बर्मा उड़द एफएक्यू नई और पुरानी की कीमतों में 50-50 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमशः 6,600 रुपये और 6,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। उड़द दाल में ग्राहकी कमजोर होने के कारण मिलों की खरीद कम हो गई।
दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से दिल्ली में बर्मा उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतों में 200 से 250 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 6,650 से 6,700 रुपये और 7,200 से 7,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। आयातित उड़द की आवक बराबर बनी हुई है, साथ ही नकदी की कमी से उड़द दाल में उठाव भी कमजोर है।
आस्ट्रेलिया की मसूर के दाम मुंबई में वैसल में 100 रुपये घटकर 6,850 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। नेफेड लगातार मसूर की बिकवाली कर रही है, जबकि मसूर दाल में ग्राहकी सामान्य के मुकाबले कमजोर है।
नीचे दाम पर मिलों की हाजिर मांग सुधरने से दिल्ली में मध्य प्रदेश की मसूर की कीमतों में 50 रुपये की तेजी आकर भाव 7,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि इस दौरान कनाडा की मसूर के दाम 7,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
स्थानीय मिलों की मांग कमजोर होने से मुंबई में रुस और सूडान के काबुली चना के भाव में 50-75 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 4,600 से 4,700 रुपये और 5,000 से 5,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। सूडान में काबुली चना की नई फसल आ रही है, लेकिन काबुली चना के आयात पर 40 फीसदी आयात शुल्क होने के कारण आयात पड़ते नहीं लग रहे हैं।
इसी तरह से तंजानिया के चना के दाम मुंबई में 75 रुपये नरम होकर 4,600-4,625 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
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