नई दिल्ली। विदेशी बाजार में उड़द की कीमतों में आई गिरावट का असर घरेलू बाजार में दालों की कीमतों पर देखा गया। हाजिर बाजार में उड़द एवं अरहर के दाम गुरूवार को कमजोर हो गए, जबकि मसूर की कीमतों में सुधार देखा गया।
स्थानीय एवं निर्यातकों की मांग कमजोर होने गुरूवार को बर्मा के दाल बाजार में उड़द एसक्यू और एफएक्यू की कीमतों में 15 से 25 डॉलर प्रति टन की गिरावट आकर भाव क्रमश: 985 डॉलर और 875 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए। इस दौरान लेमन अरहर के दाम 760 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर बने रहे।
घरेलू बाजार में उड़द के साथ ही लेमन अरहर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि उत्पादक राज्यों में मौसम खराब बना हुआ है, तथा महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश की कई क्षेत्रों में पिछले दो, तीन दिनों से बारिश भी हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश और राजस्थान के साथ ही उत्तर प्रदेश आदि में भी मौसम खराब है। अत: उत्पादक राज्यों में बारिश हुई तो फिर अरहर और उड़द की फसल को नुकसान होगा, जिससे इनकी कीमतों में आगे फिर सुधार आने के आसार हैं।
दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से दिल्ली में बर्मा की लेमन अरहर नई की कीमतों में 50 रुपये की गिरावट आकर भाव 6,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान पुरानी लेमन अरहर के दाम 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
दाल मिलों की मांग घटने से बर्मा की लेमन अरहर नई के भाव में मुंबई में 75 रुपये घटकर 5,825 से 5,850 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। तंजानिया लाईन की अरुषा अरहर के भाव भी 50 रुपये घटकर 5,050-5,075 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गए। मोजाम्बिक लाईन की अरहर के भाव 25 रुपये कम होकर 5,200-5,225 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
अरहर की कीमतों में सुधार आने की संभावना है क्योंकि उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश से अरहर की नई फसल की कटाई में देरी होने की आशंका है, साथ ही मौसम विभाग ने आगे अभी मौसम और खराब होने की भविष्यवाणी जारी की हुई है। जानकारों के अनुसार चालू सीजन में आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में अरहर की फसल को 20 से 40 फीसदी तक नुकसान होने की संभावना है। महाराष्ट्र में अरहर की फसल को 10 से 15 फीसदी तक नुकसान होने की आशंका है। अत: चालू सीजन में अरहर के कुल उत्पादन अनुमान में 20 फीसदी की कमी आने की आशंका है। वैसे भी सरकारी एजेंसियों द्वारा अरहर की खरीद निविदा की माध्यम से की जा रही है, जिससे कीमतों में सुधार आने के आसार हैं।
हालांकि व्यापारियों के अनुसार चालू महीने में अफ्रीका से अरहर के करीब तीन वैसल आ रहे हैं, तथा अफ्रीकी अरहर की कीमतें नीचे होने के कारण कीमतों पर दबाव बना है।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 6,925 से 6,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में दाम घटने के कारण हाजिर मांग कम होने से दिल्ली में बर्मा उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतों में 25-75 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 7,125 रुपये और 7,825 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दाल मिलों की हाजिर मांग में आये सुधार से दिल्ली में कनाडा की मसूर की कीमतों में 50 रुपये की तेजी आकर भाव 7,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि मध्य प्रदेश की मसूर के दाम 7,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
नीचे दाम पर मिलों की मांग से कनाडा की मसूर के भाव हजीरा और मुंद्रा बंदरगाह पर 25-25 रुपये तेज होकर क्रमश: 7,100 से 7,125 रुपये और 7,050 से 7,075 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
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