नई
दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
(पीएमजीकेएवाई) के जरिए गरीबों को मुफ्त राशन के वितरण की अविध को 30 नवंबर
2021 से बढ़ाकर 31 मार्च 2022 कर दिया है। हालांकि देश की अर्थव्यवस्था में
आये सुधार और ओएमएसएस पॉलिसी के तहत अनाज का आवंटन होने के कारण पिछले
दिनों ही केंद्रीय खाद्य सचिव ने इस योजना को नवंबर के बाद बढ़ाने से मना
कर दिया था, लेकिन कई राज्यों में चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस
योजना को चार महीने बढ़ाने का फैसला लिया है।
सूत्रों के अनुसार
पीएमजीकेएवाई योजना से गेहूं की कीमतों पर असर पड़ेगा, क्योंकि फ्री में
आवंटन होने से खुले बाजार से गेहूं की मांग कम हो जायेगी। दिल्ली में गेहूं
के भाव 2145 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। व्यापारियों के अनुसार
गेहूं की दैनिक आवक सामान्य की तुलना में कमजोर है, लेकिन मिलों की मांग
भी कम देखी गई। दिल्ली में आज लारेंस रोड पर आवक 5,000 बोरियों की हुई।
पीएमजीकेएवाई
योजना 30 नवंबर 2021 को समाप्त हो रही थी, लेकिन सरकार के इस फैसले से उन
80 करोड़ परिवारों को अगले चार महीने तक इस योजना का और लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट की बैठक में
पीएमजीकेएवाई योजना को मार्च 2022 तक विस्तार देने का फैसला लिया गया।
इससे पहले केंद्र सरकार ने राज्यों को यह विकल्प दिया था कि वे चाहें तो
इस योजना को संबंधित राज्य में विस्तार दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में इस
पर आने वाला खर्च भी संबंधित राज्यों को ही वहन करना था, लेकिन अब केंद्र
ने खुद इस योजना की अवधि को अगले चार माह के लिए और बढ़ाने की घोषणा की है।
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को 5 किलो चावल या गेहूं एवं 1 किलो दाल
के साथ 1 लीटर तेल, नमक एवं चीनी प्रदान की जाती है।
दिल्ली,
ओडिशा सहित कई केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों की तरफ से इस संबंध में
केंद्र सरकार से मांग की गई थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
के साथ-साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी केंद्र सरकार से योजना
को विस्तार देने का अनुरोध किया था। दिल्ली सरकार ने बाद में इस योजना
को मई 2022 तक बढ़ाने की घोषणा की थी। वहीं, उत्तर प्रदेश में
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने पहले ही इस योजना की
अवधि को मार्च 2022 तक के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। यूपी सरकार के इस
फैसले को राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बेहद
अहम बताया गया।
अब केंद्र सरकार द्वारा इस योजना को विस्तार देने
को भी कई राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए
रणनीतिक फैसला बताया जा रहा है।
पीएमजीकेएवाई योजना की शुरुआत साल
2020 में हुई थी, जब देश कोविड-19 महामारी के भीषण चपेट में था और लॉकडाउन
के कारण लाखों परिवारों को काम-धंधे से हाथ धोना पड़ा था। इसके तहत गरीब
परिवारों को 5 किलो राशन नि:शुल्क प्रदान किया जाता रहा है। इसके
लाभार्थियों की संख्या लगभग 80 करोड़ बताई जाती है। अर्थव्यवस्था के
धीरे-धीरे पटरी पर लौटने के संकेत के बीच इस मुफ्त राशन योजना को 30 नवंबर
2021 तक ही जारी रखने की बातें सामने आई थी, लेकिन अब सरकार ने इसे मार्च
2022 तक बढ़ाने का फैसला लिया है।
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