नई दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से गुरूवार को दिल्ली के नया बाजार में बर्मा की अरहर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य दालों के दाम स्थिर बने रहे।
सरकार द्वारा दालों के आयात को बढ़ाने की कोशिशों की खबरों के बाद दालों की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। दालों का आयात बढ़ाने के लिए सरकार पूर्वी अफ्रीकी देशों जैसे मलावी, तंजानिया और अन्य के साथ बातचीत कर रही है।
विदेश से लगातार आयातित माल आने के साथ ही चालू खरीफ में बुआई में हुई बढ़ोतरी से भी अरहर की कीमतों पर दबाव बना है।
दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से बर्मा की लेमन अरहर नई और पुरानी के भाव में 50-50 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 6,450 रुपये और 6,350 प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में बर्मा उड़द एसक्यू पुरानी और नई दोनों के भाव क्रमश: 7,800 और 7,850 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। इसी तरह उड़द एफएक्यू नई के भाव भी 6,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रहे। दिल्ली में पुरानी एफक्यू उड़द का स्टॉक नहीं के बराबर बचा हुआ है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बनने से खरीफ उड़द की फसल को नुकसान की आशंका है। हालांकि, नियमित विदेशी आपूर्ति और समर की उड़द की आवक बराबर बनी हुई है।
दाल मिलों की हाजिर मांग सुधरने से मध्य प्रदेश की मसूर के भाव 6,800 रुपये और कनाडा की मसूर 6,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। केंद्र सरकार ने हाल ही में मसूर के आयात शुल्क और कृषि सेस में कटौती की है।
नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर अगस्त डिलीवरी वायदा अनुबंध में चना की कीमतों में 2 रुपये की गिरावट आई, जबकि सितंबर वायदा अनुबंध में इसकी कीमतों में 6 रुपये का सुधार आया।
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