नई दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से शुक्रवार को मुंबई में शुरूआती कारोबार में आयातित मसूर के साथ ही चना और काबुली चना की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
सरकारी हस्तक्षेप के साथ ही नीतियों में समय-समय पर बदलाव और आगे विदेशी आपूर्ति के डर के कारण दालों में व्यापार सीमित मात्रा में ही हो रहा है।
कनाडा की मसूर के भाव मुंद्रा, हजीरा, कांडला और मुंबई में साथ ही ऑस्ट्रेलिया की मसूर के भाव मुंबई 25-50 रुपये प्रति क्विंटल तक घटे गए। मसूर में बढ़े भाव में मिलों की मांग कमजोर देखी गई, वैसे भी पिछले दिनों केंद्र सरकार ने मसूर के आयात शुल्क में कटौती कर दी थी।
स्थानीय मिलों की हाजिर मांग कमजोर से मुंबई में रुस और सूडान के काबुली चना के भाव 50-50 रुपये घटकर क्रमश: 5,250 रुपये और 5,600-5,950 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। हालांकि काबुली चना पर 40 फीसदी आयात शुल्क होने के कारण आयात पड़ते नहीं लग रहे हैं।
मुंबई में तंजानिया लाईन के चना के भाव 50 रुपये घटकर दाम 5,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इस बीच, नेफेड विभिन्न केंद्रों पर चना की लगातार बिकवाली कर रहा है जबकि एफसीआई महाराष्ट्र में खरीदे हुए चने को बेचने में सक्रिय है।
आगे के व्यापार में, तंजानिया चना के भाव सितंबर-अक्टूबर शिपमेंट के लिए 5,600 रुपये प्रति क्विंटल हैं।
मुंबई में मिलों की सीमित मांग से उड़द एफएक्यू नई और पुरानी के भाव क्रमश: 6,850 रुपये और 6,750 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
लेमन अरहर नई और पुरानी के भाव भी मुंबई में क्रमश: 6,600 रुपये और 6,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। अरुषा अरहर के साथ ही मोजाम्बिक की अरहर के भाव भी क्रमश: 6,500 से 6,525 रुपये और 6,450 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। सूडान की अरहर के दाम इस दौरान 6,800 रुपये प्रति क्विंटल पर टिके रहे।
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