नई दिल्ली। बढ़े भाव में दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से मंगलवार को मुंबई में शुरूआती कारोबार में आयातित अरहर, उड़द, चना और काबुली चना की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मुद्रा के साथ ही कांडला बंदरगाह पर मसूर की कीमतों में सुधार आया।
सेबी द्वारा चना में नए वायदा अनुबंध शुरू करने पर प्रतिबंध लगाने के बाद दलहन उद्योग दबाव में है। सेबी ने आदेश दिया है कि अगले आदेश तक चना को कोई नया अनुबंध शुरू नहीं किया जाएगा। मौजूदा अनुबंधों के संदर्भ में, सेबी ने कहा कि कोई भी नई पोजिशन लेने की अनुमति नहीं है, केवल पोजीशन के स्क्वेरिंग अप की अनुमति होगी।
सरकारी नीतियों और हस्तक्षेप के डर से बढ़ी हुई कीमतों में सतर्क व्यापार देखा गया।
इसके अलावा, अरहर और उड़द की खरीफ में बुवाई बढ़ने के साथ ही विदेशों से आपूर्ति ने भी कीमतों पर दबाव बनाया है।
दाल मिलों की हाजिर कमजोर होने के कारण मुंबई में लेमन अरहर नई और पुरानी के भाव में 100-100 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 6,425 रुपये और 6,325 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इसी तरह से अरुषा अरहर के साथ ही मोजाम्बिक लाइन की गजरी अरहर के भाव भी 50 और 50 रुपये घटकर क्रमश: 6,400 और 6,325 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। सूडान लाईन की अरहर के दाम भी 75 रुपये घटकर 6,725 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दाल मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से बर्मा उड़द एफएक्यू दोनों नई और पुरानी दोनों की कीमतों में 125-125 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमश: 6,850 से 6,875 रुपये और 6,750 से 6,775 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कनाडा लाईन की मसूर के भाव मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर 25-25 रुपये तेज होकर भाव क्रमश: 6,825 से 6,875 रुपये और 6,825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। हालांकि केंद्र सरकार ने मसूर के आयात शुल्क में कटौती की है, लेकिन मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से भाव में सुधार आया।
कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका में मसूर का उत्पादन कम होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेज बनी हुई है, जिससे हाजिर बाजार में भी दाम तेज हुए हैं।
स्थानीय मिलों की हाजिर मांग कमजोर होने से सूडान और रूस के काबुली चना के भाव 75-100 रुपये घटकर क्रमश: 5,300-5,500 रुपये और 5,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। काबुली चना पर 40 फीसदी आयात शुल्क होने के कारण रूस से आयात पड़ते नहीं लग रहे हैं।
वायदा कीमतों में आई गिरावट से मुंबई में तंजानिया लाईन के चना के भाव 75 रुपये घटकर 4,900 से 4,925 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। नेफेड के साथ ही एफसीआई विभिन्न राज्यों में लगातार चना की बिकवाली कर रही है।
नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, एनसीडीईएक्स पर अगस्त वायदा अनुबंध में चना की कीमतों में 108 रुपये की गिरावट आई, जबकि सितंबर वायदा अनुबंध में इसके भाव में 206 रुपये का मंदा आया।
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