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04 मार्च 2014
बारिश व ओलों से सरसों को नुकसान, चढ़े दाम
बारिश व ओलों से सरसों को नुकसान होने का असर इसकी कीमतों पर दिखने लगा है। पिछले एक सप्ताह में इसके भाव करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ चुके हैं। यह तेजी राजस्थान के कुछ इलाकों से सरसों की नई आवक के बावजूद आई है। जानकारों के मुताबिक सरसों की आवक जोर नहीं पकडऩे तक कीमतों में तेजी बरकरार रह सकती है। प्रमुख उत्पादक राजस्थान की जयपुर मंडी में एक सप्ताह पहले 3,530 रुपये बिकने वाली सरसों आज बढ़कर 3,725 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। नैशनल कमोडिटी ऐंड डेरिवेटिव एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स) में 25 फरवरी को सरसों अप्रैल अनुबंध 3,406 रुपये पर बंद हुआ था, जिसने आज 3,620 रुपये प्रति क्विंटल का ऊपरी स्तर छू लिया। हालांकि बाद में इसमें गिरावट आई।
ऐंजल ब्रोकिंग के सह उपाध्यक्ष (शोध-जिंस) अनुज गुप्ता ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि बारिश से सरसों को नुकसान की खबर के बाद से ही इसके भाव चढ़ रहे हैं। सप्ताह भर में सरसों करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हुई है। कमोडिटी इनसाइट डॉट कॉम के वरिष्ठï जिंस विश्लेषक प्रशांत कपूर भी मानते हैं कि ओलों से नुकसान के बाद सरसों की कीमतों में तेजी आई है। इसके अलावा अंतरराष्टï्रीय बाजार में खाद्य तेलों में तेजी का असर भी सरसों की कीमतों पर पड़ रहा है। कपूर कहते हैं कि राजस्थान के कुछ इलाकों में नई सरसों की आवक भी शुरू हो गई है। बावजूद इसके दाम चढ़ रहे हैं।
अगले कुछ दिनों तक सरसों की कीमतों में खास गिरावट की उम्मीद नहीं है, क्योंकि बारिश से सरसों की नई आवक और देर होगी। सेंट्रल आर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री ऐंड ट्रेड (कोएट) के अध्यक्ष लक्ष्मीचंद अग्रवाल ने बताया कि पिछले सप्ताह राजस्थान के कोटा, अलवर समेत अन्य सरसों उत्पादक क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले पड़े थे। राजस्थान के अलावा अन्य सरसों उत्पादक राज्यों में भी बारिश व ओले से नुकसान हुआ है। ऐसे में शुरुआती आकलन के मुताबिक सरसों की पैदावार 10 फीसदी तक घटने का अंदेशा है, जबकि इस साल रिकॉर्ड 82 लाख टन से ज्यादा सरसों पैदा होने की संभावना थी। चालू फसल वर्ष में 71.32 लाख हेक्टेअर में सरसों की बुआई हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले 6 फीसदी ज्यादा है। (BS Hindi)
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