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01 अक्टूबर 2013
कॉफी निर्यात में आई कमी
कॉफी वर्ष 2013 (30 सितंबर को समाप्त) में भारत का कॉफी निर्यात 5.34 फीसदी तक घट कर 2,99,266 टन रहा। यूरोपीय संघ और अमेरिका में पूरे साल मांग सुस्त रहने की वजह से कॉफी निर्यात में कमी आई है।
2012) में 3,16,164 टन का निर्यात किया था। कॉफी निर्यातकों का कहना है, 'निर्यात में कमी मुख्य तौर पर इटली, स्पेन, यूनान और पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों में कमजोर मांग की वजह से दर्ज की गई है, क्योंकि वहां खरीदार सस्ती कॉफी पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।Ó
अक्टूबर 2012 और 26 सितंबर 2013 के बीच निर्यात प्राप्ति 1.3 फीसदी घट कर 1,51,379 रुपये प्रति टन पर रही जबकि पूर्ववर्ती कॉफी वर्ष में यह 1,49,459 रुपये प्रति टन पर थी।
कॉफी बोर्ड के अनुसार मूल्य के संदर्भ में कुल कॉफी निर्यात 4.1 फीसदी तक घट कर 3,530 करोड़ रुपये पर रहा जबकि पूर्ववर्ती वर्ष में यह 4,725 करोड़ रुपये पर था।
निर्यातकों का कहना है कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान अरेबिका कॉफी की कीमतों में तेज गिरावट की वजह से भी निर्यात में कमी आई है, क्योंकि बड़ी तादाद में किसानों ने अपनी बिक्री टाल दी। अरेबिका कीमतें लगभग 20-25 फीसदी नीचे आई हैं। दिसंबर डिलिवरी के लिए आईसीई अरेबिका कॉफी वायदा 1.4 फीसदी की गिरावट के साथ 1.1565 डॉलर प्रति पौंड पर बंद हुआ।
भारत खासकर इटली, जर्मनी, रूस, बेल्जियम और स्पेन के लिए कॉफी का निर्यात करता है। रोबस्टा कॉफी का इस्तेमाल मुख्य तौर पर दुनिया भर में इंस्टैंट ड्रिंक तैयार किए जाने में और एस्प्रेसो कॉफी में किया जाता है।
वर्ष 2013-14 के लिए भी भारत के निर्यात का परिदृश्य अधिक आशाजनक नहीं है। कॉफी बोर्ड ने कहा है कि वर्ष 2013-14 में उत्पादन पूर्व के अनुमानों की तुलना में कम से कम 10 फीसदी कम रहेगा। बोर्ड ने कहा था कि उत्पादन 3,47,000 टन रहेगा। वर्ष 2012-13 में भारत ने 3,18,200 टन कॉफी उत्पादन दर्ज किया था।
कॉफी बोर्ड के चेयरमैन जावेद अख्तर ने इस महीने के शुरू में बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया था, 'फरवरी और मार्च के हालात (जब उत्पादक क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी) के आधार पर हमने 3,47,000 टन उत्पादन का लक्ष्य रखा था। लेकिन उसके बाद लगातार दो महीनों में सूखा और जून, जुलाई और अगस्त में भारी बारिश की वजह से हमने अनुमान में लगभग 10 फीसदी की कटौती कर दी। (BS Hindi)
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