Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
04 मार्च 2013
मंडियों में कपास की कीमत बढ़ते ही सरकारी खरीद बंद
आर एस राणा नई दिल्ली | Mar 04, 2013, 01:09AM IST
समर्थन - एमएसपी पर सीसीआई ने चालू सीजन में 23 लाख गांठ कपास खरीदी
मंडियों में तेजी
38,000-38,400 2 मार्च
33,900-34,100 15 जनवरी (अहमदाबाद मंडी में शंकर-6 कपास की कीमत रुपये प्रति कैंडी में)
कपास की कीमतों में तेजी आने के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद बंद हो गई है। पिछले डेढ़ महीने में कपास की कीमतों में 12.6 फीसदी की तेजी आकर अहमदाबाद में शंकर-6 किस्म की कपास का दाम बढ़कर 38,000-38,400 रुपये प्रति प्रति कैंडी (एक कैंडी-356 किलो) हो गए। कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) ने चालू सीजन में अभी तक कुल 23 लाख गांठ (एक गांठ-170 किलो) कपास की खरीद की है।
सीसीआई के महाप्रबंधक (खरीद एवं बिक्री) आर. सी. सरकार ने बिजनेस भास्कर को बताया कि उत्पादक मंडियों में कपास की कीमतें बढ़कर एमएसपी से ऊपर हो गई है जिसकी वजह से पिछले तीन-चार दिनों से खरीद केंद्रों पर आवक नहीं हो रह है। इस वजह से खरीद बंद कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि चालू सीजन में निगम 23 लाख गांठ कपास की खरीद कर चुका है। अभी तक कुल खरीद में 47,746 गांठ की हिस्सेदारी व्यवसायिक है, बाकी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद हुई है।
सीसीआई ने चालू विपणन सीजन में एमएसपी पर 90 लाख गांठ कॉटन की खरीद एमएसपी पर हुई है। केंद्र सरकार ने चालू विपणन सीजन 2012-13 के लिए मीडियम स्टेपल की कपास का एमएसपी 3,600 रुपये और लांग स्टेपल वाली किस्म की कपास का एमएसपी 3,900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।
के सी टी एंड एसोसिएट के मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश राठी ने बताया कि यार्न मिलों के साथ ही निर्यातकों की मांग से कपास की कीमतों में तेजी आई है। अहमदाबाद मंडी में शंकर-6 किस्म की कपास के दाम शनिवार को बढ़कर 38,000 से 38,400 रुपये प्रति कैंडी हो गए जबकि 15 जनवरी को भाव 33,900 से 34,100 रुपये प्रति कैंडी थे।
उत्पादक मंडियों में कपास की
दैनिक आवक भी पहले की तुलना में कमी हुई है। उत्तर भारत के राज्यों पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में दैनिक आवक घटकर 15,000 (एक गांठ-170 किलो), गुजरात में 30,000 गांठ और महाराष्ट्र में 22,000 गांठ की रह गई है। मुक्तसर कॉटन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर नवीन ग्रोवर ने बताया कि यार्न में निर्यात मांग अच्छी बनी हुई है।
साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉटन की कीमतों में भी तेजी आई है जिससे घरेलू बाजार में दाम बढ़े हैं। न्यूयॉर्क बोर्ड ऑफ ट्रेड में मार्च महीने के वायदा अनुबंध में कॉटन की कीमतें 27 दिसंबर 2012 को 76.01 सेंट प्रति पाउंड थी, जबकि पहली मार्च को इसका दाम बढ़कर 83.68 सेंट प्रति पाउंड पर बंद हुआ।
चालू फसल सीजन में अभी तक करीब 30 लाख गांठ से ज्यादा के निर्यात सौदे हुए हैं। कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार वर्ष 2012-13 में देश में 338 लाख गांठ कॉटन का उत्पादन होने का अनुमान है जबकि उद्योग ने चालू सीजन में 373.75 लाख गांठ कॉटन उत्पादन का अनुमान लगाया है। (Business Bhaskar....R S Rana)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें