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27 फ़रवरी 2013
पूर्वोत्तर में हरित क्रांति के लिए बजट आवंटन बढ़ेगा
आर एस राणा नई दिल्ली | Feb 26, 2013, 21:25PM IST
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में हरित क्रांति लाने की पहल के तहत चालू वित्त वर्ष 2013-14 के आम बजट में आवंटित राशि में 500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर कुल आवंटन 1,500 करोड़ रुपये किए जाने की संभावना है। वित्त वर्ष 2012-13 के बजट में इस योजना हेतु आवंटन में 400 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश के पूर्वोत्तर राज्यों में कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी की संभावनाएं अन्य भागों की तुलना में ज्यादा हैं।
इन राज्यों में खाद्यान्न उत्पादन खासकर के चावल उत्पादन में बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप ही देश में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन संभव हो पाया है। वर्ष 2011-12 में देश में खाद्यान्न का 25.93 करोड़ टन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। देश के खाद्यान्न उत्पादन में बढ़ोतरी का श्रेय पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को जाता है।
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर भारत में हरित क्रांति के लिए केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2012-13 के बजट में 400 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर कुल आवंटन 1,000 करोड़ रुपये का किया था।
इन राज्यों में प्रति हैक्टेयर उत्पादकता में और भी बढ़ोतरी की संभावनाएं है। इसीलिए चालू वित्त वर्ष 2013-14 के बजट में इस योजना हेतु आवंटन में 5,00 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर कुल आवंटन 1,500 करोड़ रुपये का किए जाने की संभावना है।
इससे प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा बिल में अतिरिक्त खाद्यान्न की आवश्यकता की पूर्ति करने में भी मदद मिलेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में इस समय सालाना करीब 550 लाख टन खाद्यान्न का आवंटन होता है जबकि खाद्य सुरक्षा बिल लागू होने के बाद 650 लाख टन से ज्यादा खाद्यान्न की आवश्यकता होगी।
कृषि मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2011-12 के देश में खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन 25.93 करोड़ टन का हुआ है। इस दौरान देश में गेहूं का रिकॉर्ड 948 लाख टन का उत्पादन हुआ था। इसके अलावा इस दौरान चावल का भी 10.53 करोड़ टन का बंपर उत्पादन हुआ है।
हालांकि कृषि मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी किए गए वर्ष 2012-13 के दूसरे खाद्यान्न उत्पादन में वर्ष 2011-12 की तुलना में 3.5 फीसदी की कमी आने का अनुमान है लेकिन तीसरे, चौथे और अंतिम अनुमान तक इसमें सुधार की संभावना है। कृषि मंत्रालय के अनुसार दूसरे अग्रिम अनुमान में वर्ष 2012-13 में खाद्यान्न उत्पादन 25.01 करोड़ टन होने का अनुमान है। (Business Bhaskar....R S Rana)
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