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20 नवंबर 2012
खपत घटने पर भी दालें सस्ती होने के आसार नहीं
मांग में कमी के बावजूद आगामी दिनों में घरेलू बाजार में दालों की कीमतों में नरमी की संभावना नहीं है। कारोबारियों के मुताबिक सर्दी के सीजन की वजह से बाजार में हरी सब्जियों की आवक बढ़ रही है। इससे दालों के उठाव व खपत में कमी दर्ज की जा सकती है। लेकिन मांग घटने के बावजूद कीमतों में गिरावट की उम्मीद नहीं है क्योंकि मौजूदा रबी सीजन में दलहनी फसलों की बुवाई पिछड़ रही है।
कारोबारियों का भी कहना है कि रबी सीजन में शुरूआती बुवाई के आंकड़े अच्छे नहीं आ रहे हैं। इस आधार पर दलहन के रकबे में गिरावट दर्ज किए जाने के आसार हैं। इससे आगामी महीनों में दालों में गिरावट आने की संभावना कम है। आमतौर पर सर्दी के सीजन में हरी सब्जियों की आवक अधिक होने के कारण दालों की खपत कम हो जाती है।
थोक कारोबारियों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में दिल्ली दालों के भाव 200 रुपये प्रति क्विंटल तक कम हुए हैं। हालांकि, अरहर व मूंग दाल के भाव में तेजी दर्ज की गई है। इस दौरान दिल्ली थोक बाजार में उड़द दाल का भाव 4,500-5,500 रुपये से घटकर 4,300-5,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है जबकि अरहर दाल का भाव 50 रुपये बढ़कर 4,100-4,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।
मूंग दाल के भाव में भी 200 रुपये की तेजी आकर भाव 5,200-6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए। थोक कारोबारी गुरुदयाल ने बताया कि आवक में कमी की वजह से मूंग व अरहर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। अन्य दालों का स्टॉक अच्छा होने के कारण इनकी कीमतों में गिरावट का रुख रहा।
दालों के थोक कारोबारी शंकर लाल ने बताया कि इस साल दालों के भाव में अधिक गिरावट की संभावना नहीं है। फिलहाल भावों में 100-200 रुपये का उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
लेकिन रकबा कम रहने की संभावना से कीमतों में अधिक गिरावट नहीं आ सकेगी। कृषि विभाग के मुताबिक रबी सीजन में 16 नवंबर तक दलहन की बुवाई पिछले साल की तुलना में 12.61 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में की गई है।
(Business bahskar)
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