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22 अगस्त 2012
सरकारी गेहूं की बिक्री शुरू न होने से भारी तेजी का दौर
सरकारी सुस्ती
ओएमएसएस के तहत एफसीआई ने जुलाई के आखिर में बंद की थी बिक्री
खाद्य मंत्रालय द्वारा बाकी 2.75 लाख टन गेहूं के बिक्री आर्डर जारी, फिर भी शुरू नहीं हुई बिक्री
ओएमएसएस के तहत सितंबर में 10 लाख टन गेहूं की और बिक्री किए जाने की है योजना
दिल्ली में गेहूं के भाव 1,520 रुपये और बंगलुरू पहुंच भाव 1,760 रुपये प्रति क्विंटल हुए
बाजार में गेहूं की कीमतों में आई 350 रुपये प्रति क्विंटल तक की महंगाई
सरकार द्वारा खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं की बिक्री शुरू नहीं करने से कीमतों में 300 से 350 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है। दिल्ली में गेहूं के दाम बढ़कर 1,520 रुपये और बंगलुरू पहुंच भाव 1,760 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। खाद्य मंत्रालय ओएमएसएस में पहले से आवंटित 13 लाख टन में से बचे हुए 2.75 लाख टन गेहूं की बिक्री के आर्डर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को जारी कर चुका है लेकिन एफसीआई ने अभी बिक्री शुरू नहीं की है।
श्री बालाजी फूड प्रोड्क्टस के डायरेक्टर संदीप बंसल ने बताया कि ओएमएसएस में गेहूं की बिक्री शुरू नहीं होने के कारण कीमतों में तेजी आई है। सोमवार को दिल्ली थोक बाजार में गेहूं का दाम 1,520 रुपये और उत्तर प्रदेश की मंडियों में 1,475 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में गेहूं का स्टॉक नहीं है जबकि फ्लोर मिलों के साथ निर्यातकों की अच्छी मांग बनी हुई है।
प्रवीन कॉमर्शियल कंपनी के प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम तेज होने के कारण निर्यातकों को अच्छे पड़ते लग रहे हैं। कांडला पहुंच गेहूं के दाम बढ़कर 1,675 रुपये और बंगलुरू पहुंच 1,760 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
महीने भर में इसके दाम करीब 350 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ चुके हैं। पीईसी लिमिटेड को गत सप्ताह गेहूं निर्यात के लिए सबसे ऊंची बोली 308 डॉलर प्रति टन (एफओबी) की दर से मिली है।
सरकार ने 19 जून को देशभर की फ्लोर मिलों को ओएमएसएस के तहत 30 लाख टन गेहूं बेचने का फैसला किया था। इसके तहत 13 लाख टन की बिक्री जून से सितंबर के दौरान करनी थी लेकिन एफसीआई ने जुलाई के आखिर में बिक्री बंद कर दी। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओएमएसएस के तहत पहले से आवंटित 13 लाख टन में से बचे हुए 2.75 लाख टन गेहूं की बिक्री 1,285 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने के आर्डर जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा सितंबर में इसके तहत और 10 लाख टन गेहूं की बिक्री किए जाने की भी योजना है।
एफसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी राज्यों में फ्लोर मिलों को नए सिरे से सूचीबद्ध करने के लिए आवेदन मांगे गए है इसीलिए बिक्री में देरी हुई है। चालू सप्ताह में बिक्री शुरू होने की संभावना है। केंद्रीय पूल में पहली अगस्त को गेहूं का 475.26 लाख टन का रिकार्ड स्टॉक मौजूद है। (Business Bhaskar....R S Rana)
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