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06 अगस्त 2012
उत्पादन में कमी आने से महंगी हो रही है चाय
जुलाई में उत्पादन की कमी का मूल्यों पर असर अगस्त में आएगा
कड़वी होगी चुस्की - उत्पादन में कमी के कारण चाय की कीमतों में पिछले साल की तुलना में काफी तेजी आई है। जुलाई माह के चाय उत्पादन में कमी के कारण अगस्त में होने वाली चाय की नीलामी में इसका मूल्य 25 रुपये प्रति किलो तक बढ़ सकता है।
उत्पादक क्षेत्रों में पहले जहां बारिश के अभाव में चाय के उत्पादन में कमी आ रही थी, वहीं अब अधिक बारिश के कारण उत्पादन पर असर पडऩे की आशंका है। असम के कई चाय बागानों पर अधिक बारिश का असर पड़ा है जिससे यहां का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इससे जुलाई के कुल उत्पादन में 15 फीसदी तक की कमी रह सकती है। उत्पादन में कमी से चाय की सप्लाई घटने के कारण इसकी कीमतों में तेजी आ रही है।
दिल्ली थोक बाजार में अच्छी क्वालिटी की चाय का भाव 200-225 रुपये प्रति किलो और मीडियम क्वालिटी की चाय के दाम 160-200 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बिक रही है। कारोबारियों का कहना है कि उत्पादन में कमी के कारण चाय की कीमतों में तेजी जारी है। पिछले साल की तुलना में चाय 40-50 रुपये प्रति किलो महंगी है।
साउथ टी कंपनी के प्रोपराइटर राकेश तायल ने बताया कि चाय के उत्पादन में लगातार कमी के कारण कीमतों में तेजी आ रही है। सिलिगुड़ी स्थित चाय के थोक कारोबारी नीरज पोद्दार ने बताया कि उत्पादन में कमी के कारण बेहतर क्वालिटी और हल्की क्वालिटी की चाय के बीच कीमतों का अंतर पिछले साल की तुलना में 50 फीसदी तक घट गया है।
पिछले साल इन दोनों चाय की कीमतों में 80 रुपये प्रति किलो का अंतर था जो अब घटकर 40 रुपये ही रह गया है। उन्होंने बताया कि उत्पादन में कमी के कारण चाय की कीमतों में पिछले साल की तुलना में काफी तेजी आई है। जुलाई माह के चाय उत्पादन में कमी के कारण अगस्त में होने वाली चाय की नीलामी में इसका मूल्य 25 रुपये प्रति किलो तक बढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि मई और जून माह में लगातार चाय के उत्पादन में गिरावट के बाद अब जुलाई में भी उत्पादन कम रहने की आशंका है। अधिकतर इलाकों में बारिश ज्यादा होने की वजह से कई चाय बागानों में चाय की फसल को नुकसान हुआ है। जिससे उत्पादन पिछले दो महीनों से 8 से 10 फीसदी कम रहने की तो पूरी संभावना है। यह आंकड़ा 15 फीसदी तक भी पहुंच सकता है।
भारतीय टी बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक इस साल मई में चाय का उत्पादन 725.4 लाख किलो दर्ज किया गया जो पिछले साल की समान अवधि में 761.8 लाख किलो दर्ज किया गया था। इस हिसाब से चाय के उत्पादन में मई माह के दौरान करीब 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। कारोबारियों के मुताबिक फरवरी तक तापमान अधिक होने के कारण उत्पादन प्रभावित रहा और उसके बाद अब असम और उत्तरी बंगाल में भारी बारिश के कारण उत्पादन पर असर पड़ रहा है।
(Business Bahskar)
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