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31 जुलाई 2012
किसानों ने बंद की धान की रोपाई
कुरुक्षेत्र
मॉनसून की बेरुखी के चलते हरियाणा में सूखे के हालात पैदा हो गए हैं और किसानों ने अपने खेतों में धान की रोपाई बंद कर दी है। अगर अगले एक सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की पैदावार को बहुत बड़ा झटका लग सकता है। सूखे को देखते हुए चावल के दामों में अभी से तेजी आने लगी है।
किसानों का कहना है कि यमुनानगर ,करनाल, कुरुक्षेत्र में खासतौर पर यमुना नहर और यमुना नदी के आसपास धान व गन्ने की फसल भारी पैमाने पर होती है। हालत इतनी खराब होने लगी है कि अगर लगाई हुई धान की फसल में सिंचाई का प्रयास किया जाता है तो गन्ना की फसल में सिंचाई होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। कई वर्षों से लगातार बारिश कम होने गन्ना सूख रहा है और गन्ने की पैदावार कम हो रही है।
उधर जिन खेतों में धान की रोपाई की गई है उनमें सूखे के कारण बड़ी बड़ी दरारें पड़ गई हैं। ये दोनों ही फसलें ऐसी हैं जिनमें पानी की अधिक जरूरत होती है। यमुनानगर में पहाड़ी क्षेत्र लगता है और यहां पर काफी बारिश होती रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जून-जुलाई में 580 मिमी. तक बारिश होती थी जबकिइस बार अब तक 160 एमएम बारिश ही हुई है। जून से सितंबर महीने तक औसतन 850 एमएम बारिश होती रही है लेकिन इस सीजन में इसकी 60 प्रतिशत बारिश होने की भी उम्मीद नहीं है। इसबार तो यमुना नदी की हालत काफी दयनीय है। शनिवार को 24 घंटे में हथनी कुंड बैराज में अधिकतम 47134 और शाम को केवल 22 हजार क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया है। (Navbharat Times)
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