Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
27 अगस्त 2011
महंगाई के कोढ़ में प्याज का खाज
नई दिल्ली August 25, 2011
पिछले साल आम आदमी और सरकार के आंसू निकाल चुके प्याज का भाव इस साल भारी उत्पादन और स्टॉक रहने के बावजूद भी एकाएक चढऩे लगा है। कारोबारी भी आवक के मुकाबले बिक्री कम होने की बात कर रहे हैं और लगातार निर्यात मूल्य बढ़ाए जाने की वजह से पिछले साल के मुकाबले निर्यात भी 33 फीसदी घटा है, लेकिन प्याज के भाव में 10 दिन के भीतर ही 30 फीसदी इजाफा हो चुका है। दाम इस तेजी से बढ़ रहे हैं कि सरकार को भी इसके न्यूनतम निर्यात मूल्य में 25 डॉलर प्रति टन इजाफा करना पड़ा है। कल हुए इस इजाफे के साथ ही प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य 300 डॉलर प्रति टन हो गया है। जानकारों के मुताबिक इस पर दाम बढऩे का कारण कारोबारियों और सटोरियों की साठगांठ ही है।उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून से देश के प्रमुख शहरों में प्याज की खुदरा कीमतों में 5 से 10 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है। दिल्ली में जून में प्याज की खुदरा कीमत 10.50 रुपये प्रति किलो थी जो अगस्त में 21 रुपये प्रति किलो के भाव तक पहुंच गई है। राजधानी की आजादपुर सब्जी मंडी में प्याज के थोक भाव 10 दिन पहले 450 से 1,200 रुपये प्रति क्विंटल थे, जो अब 650 से 1,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। महाराष्टï्र की नासिक मंडी में भी इस दौरान इसके न्यूनतम भाव 430 से बढ़कर 575 रुपये प्रति क्विंटल हो गए थे। वहां इसका अधिकतम भाव 1,285 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। आजादपुर के कारोबारी भी बता रहे हैं कि आवक मांग से ज्यादा है। आलू-प्याज कारोबारी संघ (पोमा) के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने कहा, 'रोजाना 110 गाड़ी से ज्यादा प्याज आ रहा है और बिकता 70-80 गाड़ी है। बारिश में तो दाम अक्सर बढ़ते हंै। पर्याप्त भंडारण और कमजोर बिक्री के बावजूद दाम में 50 फीसदी बढ़ोतरी पर राष्टï्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास फाउंडेशन के निदेशक आर पी गुप्ता ने भी हैरत जताई। उन्होंने बताया कि इस साल देश में 30 लाख टन से अधिक प्याज का भंडारण हुआ है और उसमें से बमुश्किल 30-35 फीसदी हिस्सा बाजार में आया है। उन्होंने कहा, 'पिछली बार 148 लाख टन उत्पादन था और इस बार खरीफ की फसल कमजोर रहने की आशंका है। लेकिन भारी स्टॉक है और नए प्याज की आवक भी शुरू हो गई है, इसलिए भाव चढऩे की कोई वजह नजर नहीं आ रही। भारतीय राष्टï्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नेफेड) के एक वरिष्ठï अधिकारी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 4 महीनों में 4.52 लाख टन प्याज का निर्यात हुआ है, जो पिछले साल की समान अवधि के 6.82 लाख टन से काफी कम है। (BS Hindi)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें