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24 अगस्त 2011
कॉटन निर्यात जारी रखने की होगी समीक्षा
अक्टूबर में अगले सीजन से पहले उत्पादन अनुमान पर चर्चा होगी: वस्त्र सचिववस्त्र मंत्रालय ने कहा है कि अक्टूबर में नए कॉटन सीजन की शुरूआत से पहले वह कॉटन निर्यात ओपन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) के तहत जारी रखने के मसले पर घरेलू उत्पादन और खपत की समीक्षा की जाएगी। अगले सीजन में कॉटन निर्यात के कोटा निर्धारण या ओजीएल में निर्यात के बारे में पूछे गए सवाल पर वस्त्र सचिव रीता मेनन ने यह जवाब दिया है।
यहां आयोजित तीज के रंग प्रदर्शन में आई मेनन ने संवाददाताओं को बताया कि सितंबर में कपास की बुवाई पूरी होने के बाद हम इस मसले पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि अगले सीजन में कॉटन का उत्पादन चालू सीजन के मुकाबले बेहतर रहने की संभावना है। हालांकि कपास की बुवाई का रकबा कम रहता है तो कॉटन निर्यात पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाने पर सरकार विचार करेगी।
गौरतलब है कि पिछले 31 जुलाई को चालू सीजन की बाकी अवधि के लिए कॉटन निर्यात पर मात्रात्मक प्रतिबंध हटा दिया था और ओजीएल में निर्यात करने की अनुमति दे दी थी।
वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने कहा है कि अगस्त और सितंबर में कॉटन का निर्यात ओजीएल के तहत किया जा सकता है। निर्यातकों को विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के कार्यालय में सौदों का पंजीयन कराना होगा। देश में कॉटन का सीजन अक्टूबर से सितंबर तक चलता है।
पिछले साल अक्टूबर में नया सीजन शुरू होने पर सरकार ने 55 लाख गांठ (प्रति गांठ 170 किलो) कॉटन निर्यात का कोटा जारी किया था। पिछले जून में कॉटन के दाम गिरने पर सरकार ने १० लाख गांठ का अतिरिक्त निर्यात कोटा जारी किया था। इसके बावजूद कॉटन के मूल्य में गिरावट जारी रही। पिछले मार्च में कॉटन के भाव 62,500 रुपये प्रति कैंडी (प्रति कैंडी 356 किलो) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे।
जबकि इन दिनों भाव गिरकर 31,000 रुपये प्रति कैंडी के स्तर पर रह गए हैं। कॉटन एडवायजरी बोर्ड के अनुमान के अनुसार घरेलू औद्योगिक मांग कमजोर रहने के कारण चालू सीजन की समाप्ति पर 52.5 लाख गांठ कॉटन का बकाया स्टॉक रह सकता है। पिछले फरवरी में बोर्ड ने चालू सीजन का बकाया स्टॉक 27.5 लाख गांठ बचने का अनुमान लगाया था।
इसी तरह कॉटन की घरेलू खपत 265 लाख गांठ के पिछले अनुमान के मुकाबले 236 लाख गांठ रहने की संभावना है। चालू सीजन में उत्पादन 325 लाख गांठ रहने का अनुमान है। (Business Bhaskar)
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