कोच्चि February 24, 2011
टायर उद्योग ने घरेलू खपत और उत्पादन के बीच की खाई पाटने के लिए वित्त मंत्री से साल 2011-12 में 2 लाख टन प्राकृतिक रबर के आयात की अनुमति की मांग की है। वित्त मंत्री को सौंपे बजट पूर्व ज्ञापन में ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एटमा) ने ब्यूटाइल रबर और स्टाइरिन ब्यूटाडाइन रबर जैसे कच्चे माल पर सीमा शुल्क माफी की भी मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे कच्चे माल का घरेलू उत्पादन नहीं होता है। इसके अलावा उन्होंने स्टील टायर कॉर्ड, रबर केमिकल और पॉलिएस्टर टायर कॉर्ड जैसे कच्चे माल पर सीमा शुल्क में कटौती की मांग की है क्योंकि इसका उत्पादन घरेलू मांग के मुकाबले कम होता है। फिलहाल ब्यूटाइल रबर पर 5 फीसदी शुल्क लगता है और जिन कच्चे माल का उत्पादन देश में नहीं होता है उस पर 10 फीसदी शुल्क चुकाना पड़ता है। एटमा ने नायलॉन टायर कॉर्ड पर शुल्क को 10 से घटाकर 5 फीसदी करने और ब्यूटाडाइन रबर व स्टील टायर कॉर्ड (10 से 5 फीसदी), रबर केमिकल्स (7.5 से 2.5 फीसदी) करने की मांग की है। (BS Hindi)
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