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20 सितंबर 2010
बंपर उत्पादन की संभावना से ग्वार में गिरावट
अनुकूल मौसम और बुवाई क्षेत्रफल में बढ़ोतरी से नए सीजन में ग्वार की पैदावार बढ़कर एक करोड़ बोरी होने का अनुमान है। पैदावार में बढ़ोतरी के कारण ही अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों की आयात मांग पहले की तुलना में कम हो गई है, इसीलिए पिछले दस दिनों में हाजिर और वायदा बाजार में ग्वार और गम की कीमतों में करीब सात से आठ फीसदी की गिरावट आ चुकी है। नवंबर महीने में नई फसल की आवक का दबाव बनने पर ग्वार की मौजूदा कीमतों में और भी 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने संभावना है। निर्यातकों के साथ ही घरेलू मांग कमजोर होने से पिछले दस दिनों में ग्वार और गम की कीमतों में क्रमश: 150 और 400 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। जोधपुर मंडी में शनिवार को ग्वार के भाव घटकर प्लांट डिलीवरी 2,080-2,085 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान ग्वार गम के दाम घटकर 4,800 से 4,825 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। नवंबर में आवक बढऩे पर ग्वार के भाव घटकर नीचे में 1,850 से 1,900 रुपये प्रति क्विंटल बनने की संभावना है। चालू वर्ष में ग्वार गम का निर्यात तो बढऩे की संभावना है, लेकिन ग्वार का उत्पादन बंपर होने से कीमतों में नरमी आएगी। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के अनुसार चालू वित्त वर्ष में ग्वार गम का निर्यात बढ़कर 2.40 लाख टन से ज्यादा होने की संभावना है। जबकि वर्ष 2009-10 में ग्वार गम का 2.18 लाख टन का निर्यात हुआ था। पाकिस्तान में बाढ़ से ग्वार की फसल को नुकसान हुआ है इसीलिए भारत से निर्यात मांग ज्यादा रहेगी। चालू वित्त वर्ष में अमेरिका, यूरोप और चीन की मांग बढऩे की संभावना है। ग्वार गम निर्यात में भारत की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है। पिछले साल प्रतिकूल मौसम से देश में ग्वार का उत्पादन घटकर 35-40 लाख बोरी का ही हुआ था। लेकिन चालू सीजन में मौसम अनुकूल रहा है। बुवाई भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। ऐसे में उत्पादन बढ़कर एक करोड़ बोरी होने की संभावना है। हालांकि नई फसल के समय बकाया स्टॉक पिछले साल की तुलना में कम है। पिछले साल नई फसल के समय ग्वार और गम का स्टॉक 25 से 30 लाख बोरी का बचा हुआ था जबकि चालू सीजन में नई फसल के समय बकाया स्टॉक 18 से 20 लाख बोरी का ही बचने की संभावना है। नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स) पर निवेशकों की बिकवाली से दस दिनों में ग्वार की कीमतों में 7.5 फीसदी की गिरावट आई है। सात सितंबर को दिसंबर महीने के वायदा अनुबंध में ग्वार का भाव 2,169 रुपये प्रति क्विंटल था जोकि शनिवार को घटकर 2,006 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। इस दौरान ग्वार गम की कीमतों में भी करीब 8 फीसदी की गिरावट आकर भाव 4,785 रुपये प्रति क्विंटल रह गये। - आर.एस. राणा rana@businessbhaskar.netबात पते कीकृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के अनुसार चालू वित्त वर्ष में ग्वार गम का निर्यात बढ़कर 2.40 लाख टन से ज्यादा होने की संभावना है। जबकि वर्ष 2009-10 में ग्वार गम का 2.18 लाख टन का निर्यात हुआ था। पाकिस्तान में बाढ़ से ग्वार की फसल को नुकसान हुआ है इसीलिए भारत से निर्यात मांग ज्यादा रहेगी। (Business Bhaskar...aar as raana)
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