Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
02 अगस्त 2010
सितंबर से तेजी आने लगेगी मेंथा तेल में
चालू सीजन में देश में मेंथा तेल की पैदावार करीब 15 फीसदी घटने का अनुमान है। लेकिन उत्पादक मंडियों में नई फसल की आवक का दबाव होने से पिछले 15 दिनों में मेंथा तेल के दाम करीब 15 रुपये प्रति किलो घट गए आई हैं। शनिवार को उत्पादक मंडियों में मेंथा तेल का भाव घटकर 762 रुपये प्रति किलो रह गया। अगस्त के मध्य तक आवकों का दबाव बना रहने से कीमतों में नरमी बनी रहेगी। लेकिन अगस्त के आखिर और सितंबर में निर्यातकों की मांग निकलनी शुरू हो जाएगी। साथ ही घरेलू फार्मा कंपनियों की मांग भी शुरू हो जाएगी। इसीलिए अगस्त के बाद सिंतबर में मेंथा तेल की कीमतों में अच्छी तेजी की संभावना है। चालू फसल सीजन में देश में मेंथा तेल का उत्पादन घटकर 27-28 हजार टन ही रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 32-33 हजार टन से कम है। नई फसल को देखते हुए अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों के आयातक नए आयात सौदे सीमित मात्रा में कर रहे हैं।घरेलू फार्मा कंपनियों की मांग भी पिछले एक-डेढ़ महीने से सीमित मात्रा में ही बनी हुई है। वैसे भी उत्पादक मंडियों में आवक का दबाव बना हुआ है। इसीलिए मेंथा तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। अगस्त महीने के बाद निर्यात मांग तो बढ़ेगी ही, साथ ही घरेलू फार्मा कंपनियों की मांग भी बढ़ जाएगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रिस्टल बोल्ड का दाम 18 से 19 डॉलर प्रति किलो (सीएंडएफ) चल रहे हैं। आयातक अभी 'इंतजार करो एवं देखोÓ की नीति अपना रहे हैं। भारतीय मसाला बोर्ड के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2010-11 के पहले तीन महीनों (अप्रैल से जून) के दौरान मेंथा उत्पादों के निर्यात में 16 फीसदी की गिरावट आई है। इस दौरान निर्यात घटकर 4,000 टन रहा। जबकि पिछले साल की समान अवधि में 4,775 टन का निर्यात हुआ था। इस समय उत्पादक मंडियों में मेंथा तेल की दैनिक आवक 700-800 ड्रम (प्रति ड्रम 180 किलो) की हो रही है। उत्पादक मंडियों में मेंथा तेल का दाम 762 रुपये प्रति किलो और क्रिस्टल बोल्ड का भाव 840 रुपये प्रति किलो चल रहा है। 90 फीसदी फसल की कटाई हो चुकी है इसलिए आगामी दिनों में मौसम का प्रभाव फसल पर नहीं पड़ेगा। किसान भी अपनी वित्तीय जरूरत के अनुसार माल बेच चुके हैं। इसीलिए अब ज्यादातर माल या तो स्टॉकिस्ट के पास है या फिर बड़े किसानों के पास। ऐसे में आगामी दिनों में बिकवाली भी कम होने की संभावना है। जिससे तेजी को बल मिलेगा। निवेशकों की मुनाफावसूली से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त महीने के वायदा अनुबंध में पिछले एक महीने में पांच फीसदी की गिरावट आई है। पहली जुलाई को अगस्त महीने के वायदा अनुबंध में मेंथा तेल का भाव 761 रुपये प्रति किलो था, जो शनिवार को घटकर 723 रुपये प्रति किलो रह गया।- आर।एस. राणा rana@businessbhaskar.netबात पते कीअब ज्यादातर माल या तो स्टॉकिस्ट के पास है या फिर बड़े किसानों के पास। ऐसे में आगामी दिनों में बिकवाली भी कम होने की संभावना है। जिससे तेजी को बल मिलेगा। (बिज़नस भास्कर....आर अस राणा)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें