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24 अगस्त 2010
एफसीआई बढ़ाएगी भंडारण क्षमता
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी खाद्यान्न की भंडारण क्षमता बढ़ाएगा। एफसीआई में उत्तर भारत के महाप्रबंधक (परिचालन) आर सी मीणा ने बताया कि निगम उत्तर प्रदेश में 11.85 लाख टन और राजस्थान में 2.60 लाख टन की भंडारण क्षमता बढ़ाएगा। खाद्यान्न की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए अगले सप्ताह निविदा मांगी जायेंगी। इसके लिए तय दाम 4.78 रुपये प्रति क्विंटल प्रति महीना की दर में लोकेशन के हिसाब से बढ़ोतरी की जा सकती है। हालांकि भाव में बढ़ोतरी का अधिकार उच्चस्तरीय समिति को ही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकारों के सहयोग से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल के तहत यह क्षमता बढ़ाई जायेगी। इसके लिए प्राइवेट गोदाम मालिकों से दस साल तक के लिए करार किया जायेगा। उत्तर प्रदेश में इस समय भारतीय खाद्य निगम की अपनी भंडारण क्षमता केवल 14.95 लाख टन की है। अत: 11.85 लाख टन की भंडारण क्षमता बढऩे के बाद राज्य में निगम की कुल भंडारण क्षमता बढ़कर 26.8 लाख टन की हो जायेगी। राजस्थान में भी निगम 2.60 लाख टन की भंडारण क्षमता पीपीपी माडल के तहत बढ़ायेगी। इसके लिए अगले सप्ताह में राज्य सरकार के सहयोग से निविदा मांगी जायेगी। राजस्थान में इस समय निगम के पास 7.06 लाख टन खाद्यान्न की ही भंडारण क्षमता है। उत्तर प्रदेश में इस समय निगम की अपनी 14.95 लाख टन की भंडारण क्षमता के अलावा राज्य सरकार की 0.07 लाख टन, सीडब्ल्यूसी की तीन लाख टन और एसडब्ल्यूसी की 4.93 लाख टन की भंडारण क्षमता है। इसके अलावा करीब 0.23 लाख टन की भंडारण क्षमता खाद्यान्न के रख-रखाव के लिए किराये पर ले रखी है। अत: इस समय राज्य में कुल भंडारण क्षमता 23.18 लाख टन (कवर) है तथा इसके अलावा 5.68 लाख टन कैप (तिरपाल के नीचे) की भंडारण क्षमता है। इसी तरह से राजस्थान में निगम की अपनी भंडारण क्षमता 7.06 लाख टन है। इसके अलावा दो लाख टन सीडब्ल्यूसी और 3.63 लाख टन एसडब्ल्यूसी तथा करीब 2.10 लाख टन प्राइवेट गोदाम मालिकों की है। अत: इस समय राज्य में कुल 14.79 लाख टन कवर भंडारण क्षमता है जबकि इसके अलावा राज्य में 3.39 लाख टन की कैप (तिरपाल के नीचे) की भंडारण क्षमता है। मालूम हो कि निगम पहले ही 127 लाख टन की भंडारण क्षमता बढ़ाने का ऐलान कर चुका है। इसके लिए पंजाब और हरियाणा में निविदा भी मांगी जा रही है। पंजाब में लगभग 71 लाख टन और हरियाणा में 39 लाख टन खाद्यान्न के भंडारण की क्षमता बढ़ाई जायेगी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में 3.6 लाख टन, तलिमनाडु में 3.2 लाख टन और बिहार में तीन लाख टन और झारखंड में 1.75 लाख टन, हिमाचल प्रदेश में 1.42 लाख टन, कर्नाटक में एक लाख टन और गुजरात में 45 हजार टन खाद्यान्न की भंडारण क्षमता बढ़ाई जानी है।उत्तर प्रदेशराज्य में इस समय निगम की अपनी भंडारण क्षमता केवल 14.95 लाख टन की है। 11.85 लाख टन की भंडारण क्षमता बढऩे के बाद राज्य में निगम की कुल भंडारण क्षमता 26.8 लाख टन हो जाएगीराजस्थानप्रदेश में निगम के पास अभी 7.06 लाख टन खाद्यान्न की भंडारण क्षमता है। पीपीपी के जरिए 2.60 लाख टन के क्षमता विस्तार के बाद यहां इसकी क्षमता 9.26 लाख टन हो जाएगी। (business Bhaskar....aar as raana)
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