Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
07 जून 2010
विश्व बाजार में भारतीय काली मिर्च की मांग घटी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय काली मिर्च का भाव ऊंचा होने से निर्यात मांग कमजोर है। भारतीय काली मिर्च एमजी-वन का भाव विदेशी बाजार में 3,750 डॉलर प्रति टन है। जबकि वियतनाम की काली मिर्च का भाव 3,600-3,650 डॉलर और इंडोनेशिया की आस्था ग्रेड काली मिर्च का भाव 3,700 डॉलर प्रति टन है। अत: निर्यात मांग कमजोर होने से पिछले दस दिनों में हाजिर बाजार में 3।8 फीसदी और वायदा में 7.6 फीसदी की गिरावट आई है। बंगलुरू के काली मिर्च निर्यातक अनीश रावथर ने बिजनेस भास्कर को बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय काली मिर्च का दाम 3,750 डॉलर प्रति टन चल रहा है। जबकि अन्य उत्पादक देशों से बिकवाली कम भाव पर आ रही है। इसीलिए भारत से निर्यात मांग कमजोर है। वियतनाम की आस्था ग्रेड की काली मिर्च का भाव 3600-3650 डॉलर और इंडोनेशिया की काली मिर्च का भाव 3,700 डॉलर, ब्राजील की आस्था ग्रेड की कालीमिर्च का भाव 3,500 डॉलर प्रति टन है। इसीलिए यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों की मांग भारत के मुकाबले वियतनाम, इंडोनेशिया और ब्राजील से बनी हुई है। भारतीय मसाला बोर्ड के अनुसार वित्त वर्ष 2009-10 के (अप्रैल से फरवरी) के दौरान निर्यात में 23 फीसदी की कमी आई है। इस दौरान कुल निर्यात घटकर 17,760 टन का ही हुआ है। जबकि पिछले साल की समान अवधि में 23,100 टन का निर्यात हुआ था। फरवरी के दौरान इसका निर्यात 1,510 टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल फरवरी में 1,550 टन का निर्यात हुआ था। रावथर ने बताया कि वियतनाम में काली मिर्च का उत्पादन 90 हजार टन होने का अनुमान है जो पहले के अनुमान एक लाख टन से कम है। लेकिन भारत के मुकाबले वियतनाम की बिकवाली कम भावों पर आ रही है। चालू महीने के आखिर में इंडोनेशिया और ब्राजील में नई फसल आ जाएगी। ऐसे में घरेलू बाजार में काली मिर्च की कीमतों में और भी गिरावट की संभावना है। केदरानाथ संस के डायरक्टर अजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले दस दिनों में नीलामी केंद्रों पर एम-जी वन कालीमिर्च की कीमतों में 6,00 रुपये की गिरावट आकर भाव 16,250 रुपये प्रति `िंटल रह गए। उद्योग सूत्रों के अनुसार चालू सीजन में काली मिर्च की घरेलू पैदावार पिछले साल के 45,000 टन से घटकर 40,000 टन होने का अनुमान है। इसके अलावा पिछले साल का करीब पांच हजार टन का बकाया स्टॉक बचा हुआ था। उधर इंटरनेशनल पिपर कम्युनिटी (आईपीसी) के अनुसार भारत में उत्पादन 50 हजार टन और विश्व में काली मिर्च का कुल उत्पादन 2008 के 2,59,000 टन से बढ़कर 2,71,000 टन होने की संभावना है। वायदा बाजार में पिछले दस दिनों में कालीमिर्च के दाम 7.6 फीसदी तक घट चुके हैं। (बिज़नस बह्स्कर)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें