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31 मई 2010
टर्की की फसल से पहले ही जीरा पर दबाव
टर्की, सीरिया में जीर की नई फसल आने से पहले ही भारत से निर्यात मांग कम हो गई है। भारत के मुकाबले इन देशों से करीब 150 डॉलर प्रति टन कम भाव पर अग्रिम निर्यात सौदे हो रहे हैं। निर्यात मांग कम होने से स्टॉकिस्टों की खरीद में भी कमी आ गई है। हालांकि चालू सीजन में जीर का घरेलू उत्पादन पिछले साल से करीब दो लाख बोरी (प्रति बोरी 55 किलो) कम है। लेकिन निर्यात और घरेलू मांग कम होने से आगामी दिनों में इसकी मौजूदा कीमतों में चार-पांच फीसदी की गिरावट आने की संभावना है। जैब्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरक्टर एस. शाह ने बताया कि सीरिया में नई फसल की छिटपुट आवक तो शुरू हो गई है लेकिन आवक का दबाव जून के अंत में बनेगा। उधर टर्की में भी जीर की नई फसल जुलाई में आएगी। इन देशों के निर्यातकों ने 2300 डॉलर प्रति टन की दर से अग्रिम सौदे भी करने शुरू कर दिए हैं। जबकि भारतीय जीर का भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2,450 डॉलर प्रति टन (एफओबी) है। इसीलिए भारत से निर्यात मांग कम हो गई है। उन्होंने बताया कि सीरिया में जीर की नई फसल का उत्पादन करीब 30-35 हजार टन, टर्की में 15-20 हजार टन और चीन में 10-15 हजार टन होने की संभावना है। हालांकि इन देशों में उत्पादन की सही तस्वीर जून-जुलाई में ही आएगी। भारतीय मसाला बोर्ड के अनुसार वित्त 2009-10 के पहले ख्ख् माह (अप्रैल से फरवरी) के दौरान भारत से जीर के निर्यात में 14 फीसदी की कमी आई है। इस दौरान कुल निर्यात घटकर 42,500 टन का ही हुआ है। जबकि पिछले साल की समान अवधि में 49,500 टन जीर का निर्यात हुआ था। मैसर्स हनुमान प्रसाद पीयूष कुमार के प्रोपराइटर वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि जीर में मांग कमजोर होने से हाजिर में कीमतों में नरमी आई है। शनिवार को ऊंझा मंडी में जीर का भाव घटकर 11,500 से 11,600 रुपये प्रति `िंटल रह गया। चालू फसल सीजन में देश में जीर का उत्पादन पिछले साल के 28 लाख बोरी के बराबर ही बैठने की संभावना है, जो पिछले साल के मुकाबले दो लाख बोरी कम है। ऊंझा मंडी में दैनिक आवक करीब पांच हजार बोरियों की हो रही है। अभी तक मंडी में केवल तीन-चार लाख बोरी का ही स्टॉक हुआ है इसके अलावा वायदा में करीब छह-सात लाख बोरी का स्टॉक है। वायदा बाजार में स्टॉक ज्यादा है इसीलिए निवेशकों की मुनाफावसूली आने से जीर की मौजूदा कीमतों में मंदे की संभावना है। (बिज़नस बह्स्कर....आर अस राणा)
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