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03 अप्रैल 2010
यूपी में गेहूं के भाव एमएसपी से नीचे
देश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में इस साल गेहूं की आवक जल्दी शुरू हो गई है जबकि सरकारी खरीद ठीक तरीके शुरू नहीं हो पाई है। गेहूं की खरीद वैसे तो एक अप्रैल से शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी ज्यादातर खरीद केंद्रों पर व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण खरीद सुचारु नहीं हो पाई है। इसके कारण कीमतों में आई गिरावट से किसानों की परशानी बढ़ गई है। जिन जिलों में नए गेहूं की आवक शुरू हुई है, वहां दाम 1100 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चले गए हैं। मथुरा, कोसी, बरली, पीलीभीत मंडियों में भाव घटकर 1040-1070 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं।भारतीय मजदूर संगठन के संयोजक वी। एम. सिंह ने कहा कि अभी तो राज्य की कुछेक मंडियों में ही नया गेहूं आया है। गेहूं के दाम एमएसपी से नीचे चले गए है। ऐसे में आगामी दिनों में जब सभी मंडियों में आवक का दबाव बनेगा तो भावों में और भी गिरावट आ सकती है। राज्य में इस सीजन में 280-290 लाख टन गेहूं का उत्पादन होने का अनुमान है। लेकिन सरकारी खरीद सुचारुरूप से शुरू न होने के कारण सरकारी खरीद सीमित ही है। गत वर्ष राज्य से मात्र 38.82 लाख टन गेहूं की खरीद हो पाई थी। सिंह ने बताया कि बीज, डीजल और खाद के दाम बढ़ने से किसानों की लागत तो बढ़ गई है लेकिन केंद्र ने गेहूं के एमएसपी में मात्र 20 रुपये प्रति क्विंटल की ही बढ़ोतरी की। राज्य सरकार को गेहूं किसानों को 100 रुपये प्रति `िंटल का बोनस देना चाहिए तथा सरकारी खरीद ज्यादा मात्रा में करनी चाहिए। जिससे किसानों को अपनी फसल एमएसपी से नीचे दाम पर न बेचनी पड़े। राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर होनी चाहिए। हालांकि एफसीआई ने पहली अप्रैल से राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करने का ऐलान किया था। लेकिन राज्य की आधी से ज्यादा मंडियों में अभी खरीद के लिए व्यवस्थाएं नहीं हो पाई हैं। उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने प्राइवेट पार्टियों को एमएसपी पर गेहूं खरीदने की इजाजत दे दी है। हालांकि प्राइवेट खरीदारों को राज्य सरकार को शपथपत्र देना होगा कि खरीदे गए गेहूं का उपयोग वे खुद करेंगे। अन्य किसी को इस गेहूं की बिक्री नहीं की जा सकती हैं। मालूम हो कि 2007 में राज्य सरकार ने प्राइवेट खरीददारों पर राज्य से गेहूं की खरीद करने पर रोक लगा दी थी। (बिज़नस भास्कर.....आर अस राणा)
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