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22 मार्च 2010
आवक बढ़ने से लाल मिर्च के दाम और गिरने के आसार
गुंटूर में लाल मिर्च की आवक बढ़कर 80-90 हजार बोरी (प्रति बोरी 40 किलो) की हो गई है। जबकि निर्यातकों और मसाला निर्माता कंपनियों की मांग पहले की तुलना में कम हो गई है। जिससे पिछले एक सप्ताह में हाजिर बाजार में आठ फीसदी और वायदा में 6।7 फीसदी की नरमी आई है। आगामी दिनों में आवक बढ़ने पर मौजूदा कीमतों में और भी मंदे की संभावना है। मैसर्स स्पाइस ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर विनय भूभना ने बताया कि गुंटूर में लाल मिर्च की दैनिक आवक बढ़कर 80-90 हजार बोरी की हो गई है। उत्पादक क्षेत्रों में मौसम साफ बना हुआ है इसलिए आगामी दिनों में आवक बढ़कर एक लाख बोरी से ज्यादा हो जाएगी। जिससे मौजूदा कीमतों में और भी मंदे की ही संभावना है। हाजिर बाजार में पिछले आठ-नौ दिनों में कीमतें करीब 400 रुपये प्रति क्विंटल घट चुकी हैं। गुंटूर में तेजा क्वालिटी की लाल मिर्च के भाव घटकर 5200-5400 रुपये, 334 क्वालिटी की लालमिर्च के भाव 4100-4500 रुपये, ब्याडगी क्वालिटी के भाव 4100-4700 रुपये, सनम क्वालिटी की लालमिर्च के भाव 4200-4300 रुपये और फटकी क्वालिटी के भाव 2000-2500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। मुंबई स्थित मैसर्स अशोक एंड कंपनी के डायरक्टर अशोक दत्तानी ने बताया कि पिछले महीने तक निर्यात मांग अच्छी बनी हुई थी लेकिन आवक बढ़ने और डॉलर कमजोर होने से चालू महीने में निर्यातकों की मांग कमजोर हो गई है। जिससे घरलू बाजार में गिरावट को बल मिला है। भारतीय मसाला बोर्ड के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले दस महीनों (अप्रैल से जनवरी) के दौरान लाल मिर्च का निर्यात पिछले साल की तुलना में कम रहा है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी के दौरान कुल निर्यात 1.56 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1.57 लाख टन का निर्यात हुआ था। हालांकि जनवरी में भारत से लाल मिर्च के निर्यात में 52 फीसदी की तेजी आकर कुल निर्यात 17,500 टन का हुआ। जबकि पिछले साल जनवरी में मात्र 11,500 टन का ही निर्यात हुआ था। दत्तानी ने बताया कि मार्च और अप्रैल में निर्यात मांग कमजोर रहेगी। मई के बाद फिर निर्यात मांग बढ़ने के आसार हैं। गुंटूर के व्यापारी कमलैश जैन ने बताया कि कीमतों में गिरावट आने से स्टॉक बढ़ना शुरू हो गया है। किसान घटे भाव में बिकवाली कम करके स्टॉक में ज्यादा माल रख रहे हैं। अभी तक कोल्ड स्टोर में करीब 20 लाख बोरी का स्टॉक हो चुका है जोकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले आठ लाख बोरी ज्यादा है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में अभी लाल मिर्च की आवक बनी हुई है जिससे उत्तर भारत की मांग भी कमजोर है। मई में मध्य प्रदेश में आवक समाप्त होने के बाद आंध्र प्रदेश से मांग बढ़ने की संभावना है। एनसीडीईएक्स पर अप्रैल महीने के वायदा अनुबंध के भाव 11 मार्च को 5,229 रुपये प्रति क्विंटल थे जोकि घटकर 4,875 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। (बिज़नस भास्कर...आर अस राणा)
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