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10 मार्च 2010
साप्ताहिक चीनी बिक्री कोटे से मिलें परशान
चीनी के दाम लगातार घटने से उद्योग की चिंता बढ़ गई है। उद्योग प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से चीनी बिक्री नियमों में ढील देने की मांग की है। चीनी की ऊंची कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार ने फरवरी से मिलों को नॉन लेवी (फ्री-सेल) चीनी की बिक्री साप्ताहिक कोटे के अनुसार करने का निर्देश दिया था। इसके कारण चीनी के मूल्य में गिरावट का रुख बन गया। पिछले सवा महीने में घरलू बाजार में चीनी की कीमतों में लगभग 1,000 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा की गिरावट आई है। महाराष्ट्र की मिलों की चीनी 3000 रुपये प्रति क्विंटल के करीब आ गई है।इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) और नेशनल फेडरशन ऑफ कॉओपरटिव शुगर फैक्ट्री (एनएफसीएसएफ) ने केंद्र सरकार से चीनी बिक्री के नियमों में ढील देने की मांग की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी साप्ताहिक बिक्री निर्देश के अनुसार मिलों को पहले सप्ताह में महीने का 20 फीसदी कोटा खुले बाजार में बेचना होगा। इसी तरह दूसर सप्ताह में 30 फीसदी तथा तीसर और चौथे सप्ताह में 25-25 फीसदी कोटे की चीनी की बिक्री करनी है। अगर मिलें इस अवधि में निर्धारित कोटा बाजार में नहीं बेचती हैं तो बची चीनी चीनी को लेवी चीनी (सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवंटिन चीनी के भाव) में तब्दील कर दिया जाता है। लेवी चीनी का दाम काफी कम रहता है। उधर इस्मा के अध्यक्ष विवेक सरावगी ने मंगलवार को दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि गन्ने का प्रति हैक्टेयर उत्पादन ज्यादा होने और गन्ने में रिकवरी दर ज्यादा आने से पिछले सितंबर से शुरू हुए मौजूदा पेराई सीजन के दौरान देश में चीनी का उत्पादन बढ़कर 168 लाख टन होने का अनुमान है। जोकि पहले तए अनुमान 160 लाख टन से ज्यादा है।चालू पेराई सीजन में पहली अक्टूबर से 28 फरवरी तक देश में 136 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 126 लाख टन का ही उत्पादन हुआ था। इसमें सबसे ज्यादा योगदान महाराष्ट्र का है। महाराष्ट्र में इस दौरान 48 लाख टन का उत्पादन हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 42 लाख टन का हुआ था। इसी तरह से इस अवधि में उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 38 लाख टन से बढ़कर 41 लाख टन और कर्नाटक में 15 लाख टन से बढ़कर 18 लाख टन का हो चुका है। साप्ताहिक बिकवाली का दबाव बनने से उत्तर प्रदेश में चीनी के एक्स-फैक्ट्री भाव मंगलवार को घटकर 3180 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। दिल्ली थोक बाजार में मंगलवार को भाव 3300 रुपये प्रति क्विंटल खुले थे लेकिन शाम को कीमतों में 100 रुपये की तेजी आकर भाव 3400 रुपये प्रति क्विंटल बोले जाने लगे।बात पते कीमौजूदा चीनी बिक्री नियमों के तहत मिलों को साप्ताहिक कोटे के अनुसार चीनी बेचनी होती है। हर सप्ताह निर्धारित चीनी न बेचने पर बाकी स्टॉक काफी सस्ते दामों पर लेवी के रूप में सरकार ले लेती है। (बिज़नस भास्कर....आर अस राणा)
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