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23 मार्च 2010
हफ्ते भर में काली मिर्च के दाम 10 फीसदी बढ़े
देश में काली मिर्च की पैदावार में 11 फीसदी की कमी की आशंका से स्टॉकिस्टों और मसाला निर्माताओं ने इसकी खरीद बढ़ा दी है। इसीलिए पिछले एक सप्ताह में कोच्चि मंडी में इसकी कीमतों में 10।6 फीसदी की तेजी आ चुकी है। कोच्चि में सोमवार को एमजी-वन कालीमिर्च के दाम बढ़कर 14,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। एनसीडीईएक्स में भी पिछले दस दिनों में इसके दाम करीब 12.8 फीसदी बढ़ चुके हैं। ऊंचे दाम पर निवेशकों की मुनाफावसूली से आंशिक गिरावट आ सकती है लेकिन भविष्य में कीमतें तेजी ही बनी रहेगी। केदरानाथ संस के डायरक्टर अजय अग्रवाल ने बिजनेस भास्कर को बताया कि काली मिर्च के घरेलू उत्पादन के अनुमान में कमी की आशंका से स्टॉकिस्टों और मसाला निर्माताओं ने खरीद बढ़ा दी है। जनवरी में घरेलू फसल का 50 हजार टन का उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया था जबकि देश में 40 हजार टन पैदावार की संभावना है। इसीलिए पिछले एक सप्ताह में कोच्चि मंडी में काली मिर्च के दाम करीब 1,400 रुपये प्रति क्विंटल बढ़े हैं। 15 मार्च को कोच्चि में काली मिर्च का भाव 13,100 रुपये प्रति क्विंटल था। जबकि सोमवार को दाम बढ़कर 14,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। निर्यातक फर्म मैसर्स बाफना एंटरप्राइजेज के डायरक्टर आर. जैन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय काली मिर्च की कीमतें बढ़कर 3400-3450 डॉलर प्रति टन हो गई है जबकि वियतनाम और इंडोनेशियाई की काली मिर्च के भाव 3200-3250 डॉलर प्रति टन है। पिछले ख्म् दिन में विदेशी बाजार में काली मिर्च के दाम करीब 200 डॉलर प्रति टन बढ़ चुके हैं लेकिन भाव में बढ़ोतरी होने के बाद भारत से निर्यात मांग पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। वियतनाम में चालू सीजन में काली मिर्च की पैदावार पिछले साल के 90 हजार टन से बढ़कर 1.10 लाख टन होन का अनुमान है जबकि इंडोनेशिया की फसल अगस्त-सितंबर में आएगी। इंडोनेशिया के पास बकाया स्टॉक कम है इसीलिए आयातक वियतनाम से ही ज्यादा खरीद कर रहे हैं। हाजिर कीमतों में तेजी आने से वायदा में भी निवेशकों की खरीद बढ़ गई है। एनसीडीईएक्स पर अप्रैल महीने के वायदा अनुंबध की कीमतों में पिछले दस दिनों में 12.8 फीसदी की तेजी आकर सोमवार को भाव 14,635 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। कमोडिटी विशेषज्ञ अभय लाखवान ने बताया की वायदा में कीमतें एकतरफा बढ़ी है इसलिए निवेशकों की मुनाफावसूली से आंशिक गिरावट आ सकती है। भारतीय मसाला बोर्ड के अनुसार जनवरी महीने में भारत से कालीमिर्च के निर्यात में 28 फीसदी की कमी दर्ज की गई। जनवरी महीने में कालीमिर्च का निर्यात घटकर 1,500 टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 2,100 टन का निर्यात हुआ था। चालू वित्त वर्ष के पहले दस महीनों (अप्रैल से जनवरी) के दौरान कुल निर्यात 24.5 फीसदी कम रहा है। इस दौरान कुल निर्यात घटकर 16,250 टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल की समान अवधि में 21,550 टन का निर्यात हुआ था। वित्त वर्ष 2009-10 में निर्यात का लक्ष्य 26,000 हजार टन का था। (बिज़नस भास्कर आर अस राणा)
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