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08 फ़रवरी 2010
उत्पादन थोड़ा गिरा लेकिन चाय के दाम आसमान पर
कैलेंडर वर्ष 2009 के दौरान देश में चाय के उत्पादन में महज दो फीसदी कमी आई है, लेकिन इसके थोक मूल्यों में 22 फीसदी से भी अधिक बढ़ोतरी हुई। बीते साल निर्यात हल्का रहने के कारण चाय की घरेलू खपत के लिए सप्लाई ज्यादा रही। ऐसे में वर्ष 2008 के मुकाबले चाय की सिर्फ 8 लाख किलो कम रही। भारतीय चाय बोर्ड से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कैलेंडर वर्ष 2009 में 97।90 करोड़ किलो चाय का उत्पादन हुआ है जबकि वर्ष 2008 में 98.09 करोड़ किलो चाय की पैदावार हुई थी। इस तरह उत्पादन में कमी महज 0.20 फीसदी रही। लेकिन इस दौरान चाय की कीमतों में 22 फीसदी तक इजाफा हुआ है। इस दौरान चाय के औसत नीलामी भाव 95 रुपये से बढ़कर 114 रुपये प्रति किलो हो गए है। नीलामी भाव बढ़ने से चाय कंपनियों ने इसकी कीमतों में 30 फीसदी से भी अधिक बढ़ोतरी की है। उत्पादन में आई गिरावट के बारे में इंडियन टी एसोसिएशन (आइटीए) के कमल वाहिदी ने बिजनेस भास्कर को बताया कि सीजन के शुरूआत यानि जनवरी- फरवरी में मौसम अनुकूल न रहने की वजह से चाय उत्पादन थोड़ा़ कम रहा है। दरअसल जनवरी से जुलाई तक चाय के उत्पादन में अधिक कमी आ रही थी। इस वजह से चाय के मूल्यों में काफी बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन उसके बाद पैदावार में सुधार होने से कुल उत्पादन में हल्की गिरावट रही। उत्पादन करीब 18 लाख किलो घटने के बाद कुल घरेलू उपलब्धता महज दो लाख किलो कम रही। इसकी वजह वर्ष 2009 के दौरान निर्यात कम होना है। इस दौरान 19.14 करोड़ किलो चाय का निर्यात हुआ है। यह वर्ष 2008 के दौरान निर्यात हुई 20.31 करोड़ किलो से करीब छह फीसदी कम है। इस लिहाज से 16.25 लाख किलो चाय की बाजार में सप्लाई बढ़ी, जबकि कमी 18.19 लाख किलो चाय की थी। इस तरह 2.6 लाख टन चाय वर्ष 2008 के मुकाबले कम रही है। निर्यात कम होने की वजह घरेलू बाजार में ही चाय के अधिक दाम रहना है। हालांकि चालू वित्त में दिसंबर तक पिछली समान अवधि के मुकाबले निर्यात आधा फीसदी बढ़ा है। चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक 15.30 करोड़ किलो चाय निर्यात हुई। पिछली समान अवधि में यह आंकडा़ 15.21 करोड़ किलो था। चालू वित्त वर्ष में चाय के उत्पादन के बारे में कमल वाहिदी का कहना है कि फिलहाल चाय उत्पादक इलाकों में बारिश नहीं हुई है। इसलिए नई फसल के उत्पादन आकलन लगाना अभी जल्दबाजी होगा। (बिज़नस भास्कर)
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