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16 फ़रवरी 2010
महंगाई की आग और भड़की
देश की आम जनता लंबे समय से कमरतोड़ महंगाई से किस तरह त्रस्त है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। अब तो थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की दर के ताजा आंकड़े ने भी इस कटु सत्य पर मुहर लगा दी है। महंगाई की दर जनवरी 2010 में काफी ऊंची छलांग कर 8.56 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह पिछले 13 महीनों से भी ज्यादा समय में महंगाई की दर का उच्चतम स्तर है। आगामी 26 फरवरी को पेश किए जाने वाले आम बजट से पहले सरकार द्वारा सोमवार को जारी किए गए इस आंकड़े से राहत पैकेज को लेकर सरकारी रुख बदल सकता है। महंगाई की दर का यह ताजा आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनुमानित 8.5 फीसदी की दर से भी ज्यादा है। ऐसे में यह चिंता अभी से ही जोर पकड़ने लगी है कि रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की आगामी तिमाही समीक्षा पेश करते वक्त नीतिगत दरों के मामले में अपनी उदारता को और कम कर सकता है। मालूम हो कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा पेश करते समय रिजर्व बैंक ने कठोर रुख अख्तियार कर लिया था। इसके तहत रिजर्व बैंक ने नकद आरक्षित अनुपात यानी सीआरआर को बढ़ा दिया है जिसके जरिए बैंकिंग प्रणाली से तकरीबन 36,000 करोड़ रुपये सोखे जा चुके हैं। चालू वित्त वर्ष की समाप्ति पर महंगाई दर के बढ़कर 8.5 फीसदी हो जाने का अनुमान लगाते हुए ही रिजर्व बैंक ने सीआरआर में बढ़ोतरी की है। चीनी और आलू की अगुवाई में अनेक वस्तुओं की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होने के चलते ही महंगाई दर बढ़कर पिछले 13 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। चीनी के दामों में 58.96 प्रतिशत और आलू की कीमतों में 53.39 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बीच, अर्थशास्त्रियों ने अनुमान व्यक्त किया है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक महंगाई की दर ओर बढ़कर 10 फीसदी के स्तर को छू जाएगी। ऐसे में राहत पैकेज की वापसी को लेकर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की उलझन और भी ज्यादा बढ़ सकती है। एचडीएफसी के मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरूआ ने बढ़ती महंगाई पर अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि अब तो मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में भी कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा, अभी तो सिर्फ कृषि उत्पादों की कीमतें ही बढ़ रही थीं। आने वाले दिनों में ऑटो और एफएमसीजी उत्पादों के दाम भी बढ़ सकते हैं। इसे देखते हुए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की आगामी समीक्षा के तहत ब्याज दरें बढ़ा सकता है। (बिज़नस भास्कर)
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