Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
13 जनवरी 2010
ईरान की मांग घटने से बासमती में अस्थाई मंदी
नई द��,Tuesday, January 12, 2010 23:53 [IST]ईरान से मांग घटने के कारण पिछले तीन-चार दिनों में बासमती चावल और धान की कीमतों में नरमी आई है। दिल्ली में पूसा 1121 सेला चावल के दाम घटकर 4500 रुपये और स्टीम बासमती चावल के 5800-6000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान 1121 पूसा बासमती धान की कीमतों में भी 150 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। निर्यात मांग कमजोर होने से निर्यातकों की खरीद पहले की तुलना में कम हुई है जबकि मिलों के पास स्टॉक ज्यादा होने से मिलों की खरीद में भी कमी आई है। हालांकि अन्य आयातक देशों सऊदी अरब और कुवैत की अच्छी मांग बनी हुई तथा फरवरी के आखिर में ईरान की मांग निकलने की संभावना है। इसलिए बासमती चावल की मौजूदा कीमतों में 100-200 रुपये प्रति क्विंटल की अस्थाई गिरावट आ सकती है। लेकिन इसके बाद सुधार की संभावना है। मैसर्स केआरबीएल लिमिटेड के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कुमार मित्तल ने बताया कि ईरान के आयातकों की मांग कमजोर हुई है। चूंकि अभी तक हुए कुल निर्यात में ईरान की हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा रही है इसलिए ईरान की मांग घटने से घरेलू बाजार में बासमती चावल की कीमतों पर दबाव तुरंत आ गया। फरवरी-मार्च में ईरान की मांग फिर से बढ़ जाएगी तथा अन्य आयातक देशों की मांग अभी भी अच्छी बनी हुई है। ऐसे में मार्च महीने में घरेलू बाजार में बासमती चावल की कीमतें फिर बढ़ने की संभावना है। मित्तल ने बताया कि चालू सीजन में पहली अक्टूबर से अभी तक भारत से करीब 4.5 से 5 लाख टन बासमती चावल के निर्यात सौदे हो चुके हैं इसमें ईरान को ही 2 से 2.5 लाख टन के सौदे हुए। पिछले साल इस समय तक देश से कुल निर्यात सौदे मात्र तीन-साढ़़े तीन लाख टन के ही हुए थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पूसा-1121 सेला बासमती चावल का भाव 1200 डॉलर प्रति टन और पारंपरिक बासमती चावल का भाव 1300-1350 डॉलर प्रति टन हैं। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय अरोड़ा ने बताया कि निर्यातकों की मांग घटने से घरेलू बाजार में दाम घटे हैं। लेकिन चालू सीजन में भारत से बासमती चावल का कुल निर्यात पिछले साल ज्यादा ही रहेगा इसलिए बासमती चावल का भविष्य तेजी का ही है। पिछले साल ईरान को करीब दस लाख टन बासमती चावल का निर्यात हुआ था जबकि चालू सीजन में निर्यात बढ़कर 11-12 लाख टन होने की संभावना है। मैसर्स रमेश कुमार एंड कंपनी के प्रोपराइटर राजेश कुमार ने बताया कि मांग घटने से पिछले दो-तीन दिनों में पूसा 1121 धान की कीमतें 2650 रुपये से घटकर 2500 रुपये प्रति क्विंटल रह गई हैं। डीपी धान के भाव भी 2260 रुपये से घटकर 2100 रुपये प्रति क्विंटल रहे। (बिज़नस भास्कर)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें