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28 दिसंबर 2009
मांग बढ़ने से पोल्ट्री फीड के दाम बढ़े
मांग बढ़ने की वजह से पोल्ट्री फीड के दाम पिछले एक माह के दौरान करीब पांच फीसदी बढ़ चुके हैं। कारोबारियों के अनुसार पोल्ट्री उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण पोल्ट्री फीड की मांग में इजाफा हुआ हैं। इसके अलावा मक्का में तेजी की वजह से भी फीड की कीमतों में तेजी को बल मिला है। राजा फेट एंड फीड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मोहित राजा ने बिजनेस भास्कर को बताया पिछले एक माह के दौरान पोल्ट्री फीड के दाम 19-20 रुपये से बढ़कर 20-21 रुपये प्रति किलो चुके हैं। उनके अनुसार सर्दियों पोल्ट्री उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण फीड की मांग में वृद्धि हुई है। दरअसल सर्दियों के दौरान पोल्ट्री उत्पाद जैसे अंडे, चिकन की खपत बढ़ जाती है। इस वजह से फीड की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। मांग के अलावा मक्का में तेजी की वजह से भी फीड के मूल्यों में बढ़ोतरी हुई है। पिछले दो माह के दौरान मक्के के दाम 970-980 रुपये से बढ़कर 1080-1100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इसके मूल्यों में बढ़ोतरी की वजह उत्पादन कम रहना है। कृषि मंत्रालय के पहले अनुमान के मुताबिक चालू खरीफ सीजन में मक्के की पैदावार 13 लाख टन घटकर 126 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि सरकार ने 155 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा था। दीपक पोल्ट्री फार्म हरियाणा के मालिक संदीप सिंह के अनुसार सर्दी बढ़़ने से पोल्ट्री उत्पादों की खपत में इजाफा हुआ है। यही कारण है कि फीड की मांग भी अधिक निकल रही है। मोहित राजा का कहना है कि आने वाले दिनों में फीड की कीमतों में गिरावट के आसार नहीं हैं, बल्कि तेजी बरकरार रहने की संभावना है। दरअसल आगे पोल्ट्री उत्पादों की मांग शादियों और सर्दी के चलते और बढ़ने की संभावना है। पिछले साल के मुकाबले फीड के दाम 22 फीसदी से भी अधिक हैं। पिछले साल फीड के दाम 16-17 रुपये प्रति किलो चल रहे थे। दरअसल पिछले साल इन दिनों सोयाबीन के भाव 1600-1700 रुपये और मक्का के दाम 820-840 रुपये प्रति क्विंटल थे। कारोबारियों के अनुसार पहले बारिश की कमी, उसके बाद बाढ़ व बारिश से मक्का के उत्पादन में कमी आने का अनुमान है। फीड बनाने में सबसे अधिक करीब 50-60 फीसदी मक्का, 20-30 फीसदी सोयाबीन का उपयोग किया जाता है। बाकी ऑयल, दवा और अन्य अनाज खासतौर पर बाजरा आदि का उपयोग किया जाता है। (बिज़नस भास्कर)
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