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03 नवंबर 2009
चीन के अच्छे संकेतों से क्रूड ऑयल 78 डॉलर पर
पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद सोमवार को क्रूड ऑयल फिर चढ़ने लगा। चीन में निर्माण संबंधी आंकड़ों से आर्थिक स्थिति में सुधार से तेल की मांग बढ़ने की उम्मीद में इसके भाव 78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। लेकिन कारोबारियों और विश्लेषकों का कहना था कि बाजार में भी सतर्कतापूर्ण लिवाली का माहौल है क्योंकि शेयर बाजार एक माह के निचले स्तर पर है। इस सप्ताह प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों की बैठक में राहत पैकेज वाली मौद्रिक नीति पर चर्चा होने वाली है। संभव है कि कुछ देश राहत पैकेज वापस लेने का कदम उठाने लगें। अमेरिका में दिसंबर डिलीवरी क्रूड ऑयल के दाम 96 सेंट बढ़कर 77।95 डॉलर प्रति बैरल हो गया। इस तरह पिछले शुक्रवा को 2.87 डॉलर की गिरावट में कुछ भरपाई हो गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल 1.12 डॉलर बढ़कर 76.32 डॉलर प्रति बैरल हो गया। चीन के परचेजिंग मैनेजर्स इंडैक्स (पीएमआई) अक्टूबर में बढ़ गया। इस तरह यह इंडैक्स पिछले सात माह से लगातार बढ़ता हुआ 55.4 अंकों पर 18 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। पीएमआई से संकेत मिला कि चीन में निर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाशे फाइनेंशियल के क्रिस्टोफर बेलो के अनुसार चीन में बढ़ती मांग ताजा हवा के झोंके की तरह है। लेकिन मांग सुधरने के संकेत अभी भी आने बाकी हैं। पिछले अक्टूबर के आखिरा सप्ताह में क्रूड ऑयल के दाम 82 डॉलर प्रति टन के उच्च स्तर को छू गए थे। लेकिन गिरावट के बाद अब यह 80 डॉलर के स्तर पर टिक नहीं पा रहा है।पिछले शुक्रवार को इसमें 3.6 फीसदी की गिरावट आई। दुनिया के सबसे बड़े एनर्जी उपभोक्ता अमेरिका में आम लोगों का उपभोक्ता खर्च कम होने के संकेतों से मंदी का माहौल बना था। इससे शेयर बाजार में भी गिरावट का रुख बन गया। अब बाजार में केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों की अगले सप्ताह होने वाली बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं। इसमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपियन सेंट्रल बैंक के प्रतिनिधि प्रमुखता से भाग लेंगे। कारोबारियों की सतर्कता इस बात को लेकर है कि इस बैठक में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दिए गए राहत पैकेजों पर पुनर्विचार किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है कि उद्योगों की दिशा थोड़ी कठिन हो सकती है। (बिज़नस भास्कर)
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