Daily update All Commodity news like : Wheat, Rice, Maize, Guar, Sugar, Gur, Pulses, Spices, Mentha Oil & Oil Complex (Musterd seed & Oil, soyabeen seed & Oil, Groundnet seed & Oil, Pam Oil etc.)
02 अक्टूबर 2009
यूपी सरकार अभी तय नहीं कर पाई गन्ने का राज्य समर्थित मूल्य
वर्ष 2009-10 के लिए गन्ने का नया पेराई सीजन एक अक्टूबर से शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य समर्थित मूल्य (एसएपी) तय नहीं किया है। जबकि पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब में राज्य सरकारें एसएपी तय कर चुकी हैं। नए पेराई सीजन के लिए चीनी मिलें एसएपी 160 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की मांग कर रही हैं, जबकि किसान 200 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा की मांग कर रहे हैं।उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के एक उच्च अधिकारी के अनुसार वर्ष 2009-10 पेराई सीजन के लिए गन्ने का एसएपी 15 अक्टूबर से पहले तय हो जाएगा। आठ अक्टूबर को इस बारे में राज्य के मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। लंबे समय से गन्ना किसानों कि हितों की लड़ाई लड़ रहे किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वी।एम. सिंह ने बिजनेस भास्कर को बताया कि चीनी की कीमतों में पिछले एक साल में करीब डेढ़ गुना की बढ़ोतरी हो चुकी है। साथ ही जून-जुलाई और अगस्त महीने के मध्य तक बारिश नहीं होने से किसानों की लागत में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि चालू पेराई सीजन के लिए गन्ने का एसएपी बढ़ाकर 280 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाना चाहिए। पिछले साल राज्य सरकार ने गन्ने का एसएपी 140-145 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। उधर, हरियाणा में राज्य सरकार ने चालू पेराई सीजन 2009-10 के लिए गन्ने का एसएपी बढ़ाकर 180-185 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है जबकि पंजाब में राज्य सरकार ने 175-180 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। वी.एम. सिंह ने बताया कि इस समय फुटकर में चीनी के दाम 30 रुपये प्रति किलो से ऊपर बने हुए हैं, जबकि पिछले साल इन दिनों भाव 20 रुपये प्रति किलो चल रहे थे। एक्स फैक्ट्री चीनी के भाव इस समय 2,850-2,900 रुपये और दिल्ली थोक बाजार में 3,000 रुपये प्रति क्विंटल हैं। गत वर्ष अक्टूबर के शुरू में एक्स फैक्ट्री चीनी के भाव 1,750-1,800 रुपये और दिल्ली में 1,900-1,950 रुपये प्रति क्विंटल थे।उत्तर प्रदेश चीनी मिल एसोसिएशन के सचिव श्याम लाल गुप्ता ने बताया कि चीनी मिलों ने राज्य सरकार से गन्ने का एसएपी बढ़ाकर 160 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की मांग की है। चालू सीजन में गन्ने के उत्पादन में कमी और आयात महंगा होने से चीनी की कीमतें फुटकर में 28-30 रुपये किलो से नीचे आने के आसार नहीं है। नये सीजन में चीनी का उत्पादन 160 लाख टन ही होने की संभावना है जबकि इस समय बकाया मात्र 25 लाख टन ही बचा हुआ है। नये सीजन में करीब 50 लाख टन चीनी का आयात होने की संभावना है। मुजफ्फरनगर जिले के खरड़ गांव निवासी गन्ना किसान जितेंद्र मलिक ने बताया कि कोल्हू संचालक गन्ने की खरीद 190-215 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कर रहे हैं। rana@businessbhaskar.net (बिज़नस भास्कर....आर अस राणा)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें