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19 सितंबर 2009
नई सप्लाई से गुड़ में नरमी के आसार
उत्तर प्रदेश की प्रमुख गुड़ उत्पादक मंडियों मुजफ्फरनगर, शामली और हापुड़ में नए गुड़ की छुटपुट आवक शुरू हो गई है। नई आवक को देखते हुए गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की मांग घट गई है, जिससे दिल्ली बाजार में पिछले तीन-चार दिनों में गुड़ की कीमतों में करीब 6.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। हाजिर बाजार में आई गिरावट से एनसीडीईएक्स पर नवंबर महीने के वायदा अनुबंध में भी पांच फीसदी का मंदा आया है। उत्पादक क्षेत्रों में मौसम साफ बना हुआ है, इसलिए आगामी आठ-दस दिनों में उत्पादक मंडियों में आवक का दबाव बन जाएगा। इससे इसकी मौजूदा कीमतों में करीब 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट और आ सकती है। वायदा में कीमतें घटींनेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स) पर गुड़ के नवंबर महीने के वायदा अनुबंध में पिछले आठ दिनों में पांच फीसदी की गिरावट आई है। इससे शुक्रवार को भाव 1007 रुपये प्रति 40 किलो रह गये। 11 सितंबर को वायदा में इसके भाव 1061 रुपये प्रति 40 किलो थे। नवंबर महीने के वायदा अनुबंध में 11,240 लॉट के खड़े सौदे हुए हैं।राज्यों की मांग घटीदिल्ली स्थित मेसर्स देशराज-राजेंद्र कुमार के प्रोपराइटर देशराज ने बताया कि नई आवक को देखते हुए गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पश्चिम बंगाल की मांग पहले की तुलना में कम हो गई है। इससे पिछले तीन-चार दिनों में दिल्ली थोक बाजार में गुड़ की कीमतों में 200 रुपये की गिरावट आई है। शुक्रवार को गुड़ चाकू के भाव घटकर 3050-3100 रुपये और पेड़ी के भाव 3100-3150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। हाल ही में हुई बारिश से गन्ने की फसल को फायदा हुआ है। उत्पादक क्षेत्रों में मौसम साफ बना हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी सप्ताह से आवक बढ़नी शुरू हो जाएगी। अक्टूबर के पहले हफ्ते से आवकों का दबाव बनना शुरू हो सकता है। ऐसे में गुड़ की मौजूदा कीमतों में 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट और आ सकती है। मंडी में बकाया स्टॉकमुजफ्फरनगर मंडी के गुड़ व्यापारी हरिशंकर मुंदड़ा ने बताया कि इस समय मंडी में गुड़ का करीब 3.13 लाख कट्टे (एक कट्टा-40 किलो) का स्टॉक बचा हुआ है। नई आवक को देखते हुए पुराने गुड़ में उठाव घट गया है। इसलिए आगामी सप्ताह में स्टॉक 2.75 लाख कट्टे रह सकता है। नए गुड़ की आवक शुरूफेडरेशन ऑफ गुड़ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनिल खंडेलवाल ने बताया कि प्रमुख उत्पादक मंडी मुजफ्फरनगर, शामली और हापुड़ में नए गुड़ की छुटपुट आवक शुरू हो गई है। उत्पादक क्षेत्रों में मौसम साफ बना हुआ है। श्राद्ध पक्ष और रमजान के बाद लगभग सभी कोल्हू चालू हो जाएंगे। इससे आगामी दस-बारह दिनों में उत्पादक मंडियों में आवक का दबाव बन जाएगा। पिछले साल उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने का राज्य समर्थित मूल्य 140 से 145 रुपये प्रति क्विंटल दाम तय किया था। लेकिन गन्ने की कमी और चीनी मिलों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण उत्तर प्रदेश में कोल्हू संचालकों को गन्ने की खरीद 160 से 180 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करनी पड़ी थी। गन्ने का बुवाई क्षेत्रफल भी चालू सीजन में भी घटा है। अभी तक राज्य सरकार ने गन्ने का राज्य समर्थित मूल्य तय नहीं किया है।सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार गन्ने का सरकारी मूल्य बढ़ायेगी। ऐसे में कोल्हू संचालकों की गुड़ उत्पादन लागत में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इसलिए मंडी में आवक का दबाव बनने पर 100-150 रुपये प्रति 40 किलो तक की गिरावट आ सकती है। मगर इसमें भारी गिरावट की आशंका नहीं है। फिलहाल मुजफ्फरनगर मंडी में नए खुरपापड़ गुड़ के भाव 1130 रुपये और पेड़ी के भाव 1160 रुपये प्रति 40 किलो बोले गए। गुड़ चाकू के भाव 1090 से 1130 रुपये प्रति क्विंटल घटकर रह गये।गन्ने की बुवाई कमकृषि मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी बुवाई आंकड़ों के मुताबिक चालू खरीफ सीजन में देश में गन्ने की बुवाई 42.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में हुई है जो पिछले साल की समान अवधि के 43.79 लाख हेक्टेयर से कम है। (बिज़नस भास्कर....र स रना)
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