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04 सितंबर 2009
स्टॉकिस्टों की बिकवाली से जौ आठ फीसदी नरम
स्टॉकिस्टों की बिकवाली बढ़ने से जौ के दाम पिछले तीन सप्ताह के दौरान आठ फीसदी तक घट चुके हैं। कारोबारियों के अनुसार निर्यात मांग न होने के कारण स्टॉकिस्ट घरेलू बाजार में जौ की बिकवाली कर रहे हैं। साथ ही जौ का उत्पादन अधिक होने के कारण कारोबारियों के पास स्टॉक भी काफी बचा हुआ है। प्रमुख जौ उत्पादक राज्य राजस्थान की जयपुर मंडी में पिछले तीन सप्ताह के दौरान इसके दाम 800-870 रुपये से घटकर 750-800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। उत्तर प्रदेश की दादरी मंडी में इस दौरान इसके भाव घटकर 760-810 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। वायदा बाजार में भी इसके मूल्यों में कमी आई है। नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) में गुरुवार को सितंबर वायदा के दाम 892.20 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किए गए जबकि अगस्त माह की 14 तारीख को जौ सितंबर वायदा के दाम 959.20 रुपये प्रति क्विंटल थे। जयपुर मंडी के जौ कारोबारी के. जी. झालानी ने बिजनेस भास्कर को बताया कि निर्यात मांग न होने के कारण स्टॉकिस्टों ने जौ की बिकवाली बढ़ा दी है। इस वजह से जौ की कीमतों में गिरावट आई है।उनके अनुसार बीते दिनों में बाजरा, मक्का महंगा होने के कारण पशुचारे में जौ की मांग बढ़ने के कारण स्कॉकिस्टों ने लिवाली बढ़ा दी थी। जिससे जौ के मूल्यों में इजाफा हुआ था। लेकिन अब बाजरा और मक्के की कीमतों में नरमी के चलते भी जौ के भाव में गिरावट को बल मिला है। जौ कारोबारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में इसकी कीमतों में अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना कम है। दादरी मंडी के जौ कारोबारी मन्नाराम का कहना है कि आगे इसके मूल्यों में और गिरावट आने के आसार कम है। इसकी वजह वर्तमान भाव से नीचे खरीदारी करने पर कारोबारियों को नुकसान होगा। निर्यात मांग निकलने पर जौ की कीमतों में अधिक तेजी के आसार भी नहीं है। मन्नाराम के अनुसार इस साल जौ का उत्पादन अधिक रहने के कारण इसका स्टॉक काफी बचा हुआ है। ऐसे में जौ की कीमतों में अधिक बढ़ोतरी नहीं हो सकती है।कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2008-09 में 15.40 लाख टन जौ का उत्पादन हुआ है। सरकार ने पहले अग्रिम अनुमान में 15 लाख टन जौ उत्पादन का लक्ष्य रखा था। वित्त वर्ष 2007-08 में 12 लाख टन जौ का उत्पादन हुआ था। सरकार ने वित्त वर्ष 2008-09 के लिए जौ का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को 30 रुपये बढ़ाकर 680 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया था। भारत में जौ का उत्पादन राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश आदि राज्यों में होता है। जिसमें राजस्थान की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। (बिज़नस भास्कर)
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