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03 सितंबर 2009
बारिश से चावल व गन्ने की उपज में नुकसान की भरपाई
देश के कई क्षेत्रों में हाल ही में हुई अच्छी बारिश के चलते खरीफ सीजन में चावल, मक्का और गन्ने की पैदावार बढ़ सकती है। कृषि सचिव टी. नंद कुमार ने बुधवार को कहा कि देर से आई बारिश से खरीफ सीजन की फसलों में नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो सकेगी। उधर वियतनाम और थाईलैंड को उम्मीद है कि भारत में सूखे के कारण गैर बासमती चावल के निर्यात पर रोक होने से उन्हें अफ्रीकी देशों में बाजार मिलेगा और चावल निर्यात बढ़ेगा।नंद कुमार ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों की एक टीम देशभर का दौरा कर हाल ही में हुई बारिश से खरीफ की पैदावार पर होने वाले असर का जायजा लेगी। अच्छी बारिश खरीफ सीजन का अनुमानित उत्पादन बढ़ सकता है। कृषि आयुक्त एन.बी. सिंह ने कहा कि 31 अगस्त तक देश में मानसूनी बारिश औसत से 23 फीसदी कम रही। दूसरी ओर थाईलैंड और वितयनाम के औद्योगिक सूत्रों के मुताबिक भारत में कम बारिश के कारण उत्पादन घटने और गैर बासमती चावल के निर्यात पर लगे प्रतिबंध के चलते भारत से चावल का निर्यात कम रहेगा। ऐसे में थाईलैंड और वियतनाम को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चावल निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। अफ्रीकी देशों को प्रमुख रूप से चावल निर्यात करने वाले भारत में चावल उत्पादन कम बारिश के कारण 80 से 100 लाख टन तक घट सकता है। वर्ष 2008 में भारत ने करीब 10 करोड़ टन चावल का उत्पादन किया था। चावल की देश में घरेलू मांग करीब 8.5 करोड़ टन है। थाईलैंड राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चोकित ओफस्वांगसे ने कहा कि अफ्रीकी देशों को थाईलैंड का चावल निर्यात इस वर्ष के आखिर तक दोगुना होकर 4 लाख टन प्रति महीना तक हो सकता है। यूपी में खरीफ का उत्पादन आधा रहेगालखनऊ। मानसूनी बारिश हल्की रहने के कारण उत्तर प्रदेश में इस साल गर्मियों में बोई जाने वाली फसलों जैसे चावल, दाल और गन्ने का उत्पादन 50 फीसदी तक गिर सकता है। राज्य के कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मी नरायण के अनुसार सिर्फ चावल के उत्पादन में इस साल 50 फीसदी तक की कमी आ सकती है। दूसरी फसलों के उत्पादन में भी इतनी की कमी आने की संभावना है। इस साल बुवाई रकबा घटकर 34 लाख हैक्टेयर रह गया है जबकि पिछले साल 60 लाख हैक्टेयर में बुवाई हुई थी। राज्य में इस साल खरीफ सीजन में कुल 84-85 लाख टन उत्पादन रहने की संभावना है जबकि पिछले साल 132 लाख टन उत्पादन रहा था। (बिज़नस भास्कर)
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