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01 सितंबर 2009
खाद्यान्न संकट: सरकार खुले बाजार में बेचेगी 10लाख टन गेहूं!
नई दिल्ली: खाद्यान्न की बढ़ती कीमतों से बेहाल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार खुले बाजार में 10 लाख टन गेहूं बेच सकती है। गेहूं की यह खेप बफर स्टॉक से जारी की जाएगी। सरकार के एक आला अधिकारी ने बताया कि पहले करीब 10 लाख टन गेहूं राज्यों को दिया जाएगा, जिसे खुले बाजार या सहकारी संस्थाओं के जरिए बेचा जाएगा। अधिकारी ने बताया कि खुले बाजार में गेहूं बेचने के फैसले पर मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति (ईजीओएम) से मंजूरी मिल चुकी है। अगले कुछ दिनों में सरकार इसकी घोषणा कर देगी। अनाज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए ईजीओएम ने बफर स्टॉक से खुले बाजार में गेहूं की आपूर्ति का फैसला किया। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार राज्यों को 1,080 प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की बिक्री करेगी। इसके अलावा, गोदाम से लेकर डिलीवरी की जगह तक का भाड़ा भी राज्यों को देना होगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि खुले बाजार की नीति के तहत भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) अक्टूबर से गेहूं मिल मालिकों को सीधे तौर पर गेहूं बेच सकता है। खुले बाजार की नीति के तहत पिछले साल भी सरकार ने इस तरह का फैसला किया था। पिछले साल सितंबर में केंद्र ने पहले राज्यों को गेहूं बेचा और बाद में एफसीआई के जरिए गेहूं की बिक्री की। इस साल अगस्त में ही गेहूं की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई। दिल्ली के थोक बाजार में गेहूं की कीमतें 70 रुपए बढ़कर 1,150 से 1,155 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। सरकार हाजिर और वायदा बाजार में गेहूं की बढ़ती कीमतों पर करीब निगाह रखे हुए है। (इत हिन्दी)
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