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18 अगस्त 2009
मुनाफावसूली से बेसमेटल्स के दाम घरेलू व विदेशी बाजार में फिसले
मुनाफावसूली के कारण बेसमेटल्स की कीमतों में नरमी आने लगी है। पिछले सप्ताह गुरुवार से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में बेसमेटल्स के मूल्यों में गिरावट दर्ज की जा रही है। जानकारों के अनुसार चीन कॉपर और अल्यूमीनियम का आयात अधिक होने के कारण अब इसमें कमी कर सकता है।लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) ़में कॉपर तीन माह अनुबंध के दाम 6415.5 डॉलर प्रति टन थे। सोमवार को कॉपर घटकर 6076 डॉलर प्रति टन रह गया। अल्यूमीनियम तीन माह अनुबंध के दाम 2065.5 डॉलर से घटकर 1947 डॉलर प्रति टन, निकिल के दाम 21155 डॉलर से घटकर 19010 डॉलर प्रति टन और लेड के दाम इस दौरान 1908 डॉलर से गिरकर 1805 डॉलर प्रति टन रह गए। वहीं घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में इस दौरान कॉपर अगस्त वायदा 309 रुपये से घटकर 298.95 रुपये प्रति किलो, अल्यूमीनियम अगस्त वायदा 97.87 रुपये से घटकर 93 रुपये प्रति किलो, निकिल अक्टूबर वायदा 1016 रुपये से घटकर 938 रुपये प्रति किलो और लेड अक्टूबर वायदा 90.50 रुपये से घटकर 87.60 रुपये प्रति किलो रह गए है। उधर घरल हाजिर बाजार में इस दौरान कॉपर 309 रुपये से घटकर 301 रुपये, अल्यूमीनियम के दाम 97 रुपये से घटकर 92 रुपये प्रति किलो , निकिल के दाम 1014 रुपये से घटकर 923 रुपये प्रति किलो रह गए हैं। मेटल विश्लेषक अभिषेक शर्मा ने बिजनेस भास्कर को बताया कि बीते दिनों में बेसमेटल्स की कीमतों में भारी तेजी आने बाद अब मुनाफावसूली के चलते गिरावट आने लगी है। उनका कहना है कि कॉपर के दाम बढ़कर करीब 6500 डॉलर प्रति टन तक चले गए थे। अल्यूमीनियम ने भी 2000 डॉलर प्रति टन के स्तर को पार कर लिया था। इसने अलावा निकिल, जिंक, लेड की कीमतें भी चालू वर्ष के उच्च स्तर तक पहुंच चुकी थी। लेकिन अब मुनाफावसूली के कारण इनकी कीमतों में गिरावट आई है। एंजिल ब्रोकिंग के कमोडिटी विश्लेषक अनुज गुप्ता के अनुसार घरेलू बाजार में कॉपर के 310 रुपये प्रति किलो के स्तर को छूने के बाद घटे है। साथ ही अल्यूमीनियम के दाम 100 रुपये प्रति किलो के ऊपर जाने के बाद 93 रुपये प्रति किलो के स्तर पर आ गए है। इसके अलावा जिंक, निकिल और लेड के दाम भी साल के सर्वोच्च स्तर छूने के बाद घटने लगे हैं। जानकारों के अनुसार चीन में कॉपर और अल्यूमीनियम के आयात में आगे कमी आने की संभावना के चलते भी इनकी कीमतों में गिरावट को बल मिला है। दरअसल बीते महीनों में औद्योगिक मांग बढ़ने पर चीन में बेसमेटल्स के आयात में भारी बढ़ोतरी हुई है। पिछले छह माह के दौरान चीन ने 18.75 लाख टन कॉपर आयात किया है। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अधिक है। हालांकि जुलाई माह में कॉपर का आयात जून के मुकाबले 14 फीसदी कम रहा। वहीं चालू वर्ष के मई माह तक चीन 7.37 लाख टन अल्यूमीनियम का आयात कर चुका है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 143 फीसदी अधिक है। (Business Bhaskar)
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