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03 अगस्त 2009
खपत बढ़ने से निकिल के दाम सुधरे
स्टेनलेस स्टील का उत्पादन फिर जोर पकड़ने से निकिल की खपत बढ़ गई है। आर्थिक हालातों में सुधार के चलते स्टेनलेस स्टील का उत्पादन बढ़ा है। निकिल का सबसे अधिक करीब 65 फीसदी उपयोग स्टेनलैस स्टील में ही किया जाता है। बीते महीनों के दौरान इसके उत्पादन में इजाफा होने से घरेलू और अंतराष्ट्रीय स्तर पर निकिल की मांग बढ़ी है। इससे निकिल के भाव करीब आठ से दस फीसदी बढ़ गए।लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) में पिछले 15 दिनों के दौरान तीन माह डिलीवरी निकिल के दाम 15,456 डॉलर से बढ़कर 16,900 डॉलर प्रति टन हो चुके हैं। वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में 16 जुलाई को निकिल अगस्त वायदा के भाव 778.50 रुपये प्रति किलो थे जो एक अगस्त को बढ़कर 854.80 रुपये प्रति किलो हो गए। घरेलू हाजिर बाजार में इस दौरान निकिल के दाम 772 रुपये से बढ़कर 849 रुपये प्रति क्विंटल हो चुके हैं। एंजिल ब्रोकिंग के अनुज गुप्ता ने बिजनेस भास्कर को बताया कि निकिल की औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण इसकी घरेलू कीमतों में दस फीसदी का इजाफा हुआ है। उनका कहना है कि वर्ष की शुरूआत में चीन ने स्टैनलेस स्टील के उत्पादन में कटौती की थी लेकिन आर्थिक हालातों में सुधार के चलते अप्रैल माह से चीन ने स्टैनलेस स्टील का उत्पादन करीब चार फीसदी बढ़ाकर 72-73 लाख टन वार्षिक कर दिया है। वहीं चीन ने चालू वर्ष के पहले पांच माह के दौरान 79,000 टन निकिल का आयात किया है जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 37.4 फीसदी अधिक है। जून तक उसका निकिल आयात एक लाख टन तक पहुंचने की अनुमान है। चालू वर्ष के पहले पांच माह के दौरान चीन में रिफाइंड निकिल का उत्पादन पिछली समान अवधि के मुकाबले 14.8 फीसदी बढ़कर 8.25 लाख टन हो गया है। आस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसोर्स इकोनॉमिक्स के अनुसार चालू के वर्ष की दूसरी छमाही में निकिल की खपत में इजाफा होने की संभावना है।वहीं कमोडिटी विशेषज्ञ अभिषेक शर्मा का कहना है कि अप्रैल-जून के दौरान देश में स्टेनलैस स्टील के उत्पादन और खपत दोनों में इजाफा होने के कारण निकिल की मांग बढ़ी है। इस दौरान स्टेनलैस स्टील का उत्पादन 3.4 फीसदी बढ़कर 139.8 लाख टन हो गया है जबकि पहली तिमाही में इसकी खपत 5.2 फीसदी का इजाफा होकर 122 लाख टन हो चुकी है। यही कारण है कि निकिल की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।निकिल की सबसे अधिक खपत स्टेनलैस स्टील में 65 फीसदी, इलैक्ट्रोप्लेटिंग में आठ फीसदी, केमिकल में पांच फीसदी और अन्य उत्पादन में 22 फीसदी होती है। इसका सबसे अधिक उत्पादन यूरोप में 34 फीसदी में होता है। इसके बाद एशिया में 29 फीसदी, अमेरिका में 23 फीसदी, अफ्रीका में चार फीसदी और ओसेनिया में 11 फीसदी उत्पादन होता है। (Business Bhaskar)
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