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30 अप्रैल 2009
अगले साल सुधर सकता है चीनी का उत्पादन
नई दिल्ली: दुनिया में चीनी की सबसे ज्यादा खपत करने वाले भारत को अगले साल चीनी की कमी के संकट से कुछ राहत मिल सकती है। शुगर इंडस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, खरीदारी की वजह से देश में चीनी का स्टॉक बढ़ेगा साथ ही इसकी ऊंची चल रही कीमतों की वजह से किसानों को गन्ने की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। अधिकारी के मुताबिक, इसके बावजूद देश को अगले साल भी चीनी का आयात करना पड़ेगा। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (आईएसएमए) के अध्यक्ष समीर सोमैया ने कहा, 'ऊंची कीमतों से किसानों को मदद मिली है और अगर अच्छा मानसून रहा तो गन्ने की पैदावार निश्चित तौर पर ज्यादा होगी।' आईएसएमए ने देश में 1 अक्टूबर को रहने वाले चीनी के भंडार के अनुमान को भी दोगुना कर 40 लाख टन कर दिया है। अक्टूबर से ही चीनी सीजन की शुरुआत होती है। पिछले महीने संस्था ने अनुमान लगाया था कि चीनी भंडार में पिछले साल के 80 लाख टन की तुलना में 75 फीसदी की कमी आ सकती है। हालांकि सरकारी अनुमानों के मुताबिक पिछले साल चीनी सीजन की शुरुआत के वक्त इसका भंडार एक करोड़ टन था। सोमैया के मुताबिक, देश को साल 2009-10 में चीनी के आयात की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि देश में साल 2008-09 में चीनी का उत्पादन करीब 1.48 करोड़ टन के स्तर पर रह सकता है। यह पहले के 1.45 करोड़ टन के अनुमान से कुछ ज्यादा है। इससे एक साल पहले देश में 2.65 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ था। सोमैय्या ने कहा कि देश करीब 30 लाख टन कच्ची चीनी का आयात करेगा। देश की चीनी मिलें अब तक 13 लाख टन कच्ची चीनी के आयात के कॉन्ट्रैक्ट कर चुकी हैं, जिसमें से नौ लाख टन चीनी देश में आ चुकी है। (ET Hindi)
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