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25 अप्रैल 2009
मंदी रोकने को रबर निर्यात घटाएंगे थाईलैंड, मलेशिया व इंडोनेशिया
रबर के भाव में गिरावट को रोकने के लिए दुनिया के तीन बड़े रबर उत्पादक देश थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया एकजुट होकर सक्रिय हो गए हैं। ये देश दूसरी तिमाही से रबर के निर्यात में कटौती करने जा रहे हैं। इस साल जनवरी-मार्च के दौरान करीब 2.70 लाख टन रबर का निर्यात हुआ है। इस प्रस्ताव से निर्यात में करीब 48 हजार टन की कटौती की जाएगी। भारत में पिछले सप्ताह रबर के दामों में आई गिरावट के बाद उत्पादकों की बिकवाली घट गई है। बैंकाक में सम्पन्न हुए दो दिवसीय इंटरनेशनल रबर कंसोर्टियम (आईआरसीओ) के सदस्यों की बैठक के बाद आईआरसीओ के मुख्य अर्थशास्त्री इयूम तावारोलिट ने कहा कि कीमतों में अस्थिरता से निपटने के लिए तीनों देश वायदा में हेजिंग पर भी विचार कर सकते हैं। आईआरसीओ जल्दी ही टोक्यो कमोडिटी एक्सचेंज में रबर वायदा में हेजिंग शुरू कर सकता है। पिछले साल भर के दौरान रबर के भाव रिकार्ड स्तर पर जाने के बाद काफी नीचे आ चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से भाव में सुधार के बाद दोबारा कीमतों में गिरावट आई है। इससे रबर उत्पादकों और देशों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में कंसोर्टियम की ओर से रबर की कीमतों और कारोबार की कड़ी निगरानी की जा रही है। हर महीने की समीक्षा के आधार पर जरूरत के मुताबिक रबर के निर्यात को व्यवस्थित किया जा रहा है। थाईलैंड और मलेशिया में सूखे की वजह से रबर के स्टॉक में पहले से कमी आनी शुरू हो चुकी है। उधर भारत के कोट़टायम में उत्पादकों की बिकवाली कम आने से आरएसएस-4 नेचुरल रबर के भाव बढ़कर 99 रुपये और आरएसएस-5 के भाव 97 रुपये प्रति किलो हो गए। 11 अप्रैल को आरएसएस-4 नेचुरल रबर के दाम 93 रुपये और आरएसएस-5 के भाव 92 रुपये प्रति किलो रह गए थे। उल्लेखनीय है कि पिछले साल अक्टूबर और दिसंबर में हुई बैठक में कंसोर्टियम के सदस्यों ने कीमतों को स्थिर करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर सहमति जताई थी। नतीजन उत्पादक देशों में रिप्लांटिंग प्रोग्राम शुरू करने से अब बाजार में करीब 9.15 लाख टन रबर की आपूर्ति घटेगी। निर्यात में 48 हजार टन की कटौती भी पहले से तय कार्यक्रम का ही हिस्सा है। इयूम ने बताया कि फिलहाल रबर सप्लाई में और कटौती के उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। जब तक तार्किक स्तर पर भाव नहीं आते हैं, सप्लाई पर निगरानी रखी जाएगी। पिछले साल जून के दौरान टोक्यो कमोडिटी एक्सचेंज में रबर 356.9 येन प्रति किलो के रिकार्ड स्तर पर था। लेकिन ऑटो जैसे खपत वाले क्षेत्रों में छाई मंदी से कीमतों में काफी गिरावट आ चुकी है। दिसंबर में यह 99.8 येन प्रति किलो के न्यूनतम स्तर पर रह गई। शुक्रवार को टोकम में यह करीब 159.2 येन प्रति किलो पर रही। कुल उत्पादन का करीब 70 फीसदी रबर टायर बनाने में इस्तेमाल होती है। (Business Bhaskar)
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